Wednesday, 8 August 2018

स्वतंत्रता दिवस पर देहली को दहलाने घुस चुका है यह खूंखार आतंकी, अलर्ट जारी


नई देहली : स्वतंत्रता दिवस में अब बस कुछ दिन बचे हैं और देश में जगह-जगह समारोह के लिए तैयारियां जोरों पर हैं परंतु इन सबके बीच सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ गई है। उनकी चिंता का मुख्य कारण खुफिया विभाग की ओर से जारी किया गया अलर्ट है। खुफिया विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि स्वतंत्रता दिवस समारोह के दिन राजधानी में फिदायीन हमला हो सकता है। खुफिया एजेंसियों ने बताया है कि राजधानी को दहलाने के लिए कुछ आतंकी देहली में घुस चुके हैं। बता दें कि इस सूचना के बाद से देशभर में सुरक्षा को लेकर सभी एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है।

जैश-ए-मोहम्मद का आतंकी

खुफिया एजेंसियों ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि जैश-ए-मोहम्मद का आतंकी मोहम्मद इब्राहिम उर्फ इस्माइल देहली में घुस चुका है और फिदायीन हमले की साजिश रच रहा है। बता दें कि इब्राहिम, जैश-ए-मोहम्मद के चीफ मौलाना मसूद अजहर के भाई मुफ्ती अब्दुल रउफ असगर का पुराना बॉर्डी गार्ड है। खुफिया एजेंसियों ने बताया है कि इब्राहिम मई में ही जम्मू के रास्ते भारत में दाखिल हुआ था। जो अब देहली तक पहुंच चुका है। इब्राहिम देहली में ही रहकर जैश के अन्य आतंकियों से मिलकर राजधानी को दहलाने के लिए बडी साजिश रच रहा है।

इब्राहिम के अलावा एक अन्य आतंकी भी देहली में है मौजूद

आपको बता दें कि स्वतंत्रता दिवस पर देहली को दहलाने की साजिश रच रहे जैश मोहम्मद का एक और आतंकी मोहम्मद उमर भी देहली में ही मौजूद है। एजेंसियों के अनुसार उमर और इब्राहिम दोनों मिलकर फिदायीन हमले की यह साजिश रच रहे हैं। इन दोनों ने जम्मू-कश्मीर से देहली के लिए कई आतंकियों को रवाना होने के निर्देश भी दे दिए हैं। खुफिया एजेंसियों ने बताया है कि जैश में दूसरा स्थान रखने वाला मौलाना मसूद अजहर का भाई मुफ्ती अब्दुल रउफ असगर इस साजिश का मुख्य कमांडर है। जो कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ के सहयोग से देहली में फिदायीन हमले की तैयारियों पर सीधे नजर बनाए हुए है।
स्त्रोत : पत्रिका

Sunday, 5 August 2018

जम्मू-कश्मीर : शोपियां में सेना की बडी कामयाबी, मुठभेड में चार आतंकी ढेर


जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड में आज (४ अगस्त) चार आतंकवादी मारे गए हैं। खबर है कि इलाके में अभी और आतंकी छिपे हो सकते हैं। सेना सर्च अभियान चलाया है। इससे पहले बीते शुक्रवार को सेना के हाथों मारे गए एक आतंकी का शव बरामद किया था। जानकारी के अनुसार सुरक्षा बलों ने जिस आतंकी का शव बरामद किया उसकी पहचान लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी उमर मलिक के रूप में की गई। एक एके-४७ से भी शव से बरामद की गई है। इसके अलावा सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) ने दो जिंदा हैंड ग्रेनेड के साथ दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां राज्य के पंथा चौक से की गईं।
वहीं राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर पाकिस्तानी गोलीबारी में सीमा सुरक्षाबल (बीएसएफ) का एक अधिकारी घायल हो गया। सूत्र ने शनिवार को बताया कि शुक्रवार शाम को सुंदरबनी सेक्टर में नियमित गश्ती के दौरान सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) एस.के.मिश्रा को गोली जा लगी। बीएसएफ सूत्र ने बताया, “उन्हें इलाज के लिए तुरंत अस्पताल ले जाया गया।
स्त्रोत : जनसत्ता

बीटेक ग्रैजूएट था खुर्शीद, आतंकी बनने के दो दिन बाद ही सुरक्षाबलों ने किया ढेर


दो दिन पहले ही आंतकियों के साथ शामिल हुआ था यह खुर्शीद मलिक
जम्मू-कश्मीर के बारामुला जिला स्थित सोपोर के डुरसू गांव में एनकाउंटर के दौरान खुर्शीद मलिक और रेयाज अहमद नाम के दो आंतकी मारे गए। खुर्शीद मलिक इंजनियरिंग में ग्रैजूएट था और दो दिन पहले ही आंतकियों के साथ शामिल हुआ था !
मलिक के परिजनों के अनुसार, हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर समीर टाइगर को मार गिराए जाने का एक वीडियो देखने के बाद वह अल बद्र में जाने के लिए प्रोत्साहित हुआ। मलिक की चाची ने मलिक को समीर के बारे में बताया कि, ‘वह शहीद हुआ है और कश्मीर के लिए आखिरी तक लडा !’
सुरक्षाबलों को जानकारी मिली कि मलिक और अहमद, डूसरू गांव में छिपे हैं, जिसके बाद घेराबंदी की गई। इस दौरान परिजन भी आ गए और दोनों युवकों से सरेंडर करने को कहा, परंतु वह नहीं माने। इसके बाद हुई मुठभेड दोनों आतंकी मार गिराए गए।
२६ वर्षीय मलिक ने बीते साल जम्मू कॉलेज से बीटेक पास किया था। उसने गेट की परीक्षा भी क्वालिफाई की थी। इसके साथ ही इसी साल २४ जून को वह जम्मू-कश्मीर पुलिस के टेलिकॉम विंग और एग्जीक्यूटिव विंग में सब इंस्पेक्टर पद के लिए कराए गए रिटेन टेस्ट में भी शामिल हुआ था।
मलिक के चचेरे भाई ने बताया, ‘वह ३१ जुलाई को घर छोड कर गया और हमें बताया कि केएएस (कश्मीर प्रशासनिक सेवा) के लिए फॉर्म जमा करने जा रहा है। हमें पता चला है कि उसने ऑनलाइन फॉर्म सबमिट कर दिया था। हालांकि, तब से वह वापस नहीं आया और उसका फोन भी बंद था। हमने पुलिस को गुरुवार को सूचना दी !’ खुर्शीद के पिता एक सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी हैं।
स्त्रोत : न्यूज 18

Saturday, 28 July 2018

जम्मू-कश्मीर : पुलवामा के त्राल में आतंकियों ने किया जम्मू-कश्मीर पुलिस अधिकारी का अपहरण


शकील अहमद लोन (Image source : India TV)
श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में आतंकियों द्वारा एक पुलिस अधिकारी का अपहरण किए जाने की खबर है । स्थानीय सूत्रों के अनुसार, आतंकियों द्वारा पुलवामा के त्राल इलाके में एक स्पेशल पुलिस अधिकारी को उसके घर के पास से अगवा किया गया है । अपहरण किए गए पुलिसकर्मी का नाम शकील अहमद लोन बताया जा रहा है ।
मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस अधिकारी के अपहरण की यह घटना शुक्रवार देर रात पुलवामा के त्राल इलाके में हुई है । त्राल को हिज्बुल मुजाहिद्दीन का गढ माना जाता रहा है और यह पहले कई बार आतंकियों के विरोध में सेना और पुलिस कई बडे अभियान चला चुकी है । वहीं घटना की जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अब इस संबंध में पूरी जानकारी इकट्ठा करने में लगी हुई हैं । एसपीओ के अपहरण पर पुलिस की ओर से बयान देते हुए डीजीपी एसपी वैद ने कहा कि हम अभी अपहरण की सूचना की पुष्टि कर रहे हैं और पुलिसकर्मी के परिवार ने उसके किसी रिश्तेदार के घर गए होने की बात कही है इसलिए मामले की जांच की जा रही है ।

हाल में कॉन्स्टेबल सलीम को भी किया था अगवा

बता दें कि, हाल ही में जम्मू-कश्मीर में एक और जवान को अगवा करने के बाद आतंकियों ने हत्या कर दी थी । छुट्टी पर चल रहे जम्मू-कश्मीर पुलिस के कॉन्स्टेबल सलीम शाह का दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में मुतालहामा इलाके स्थित उनके घर से अपहरण कर लिया गया था । इसके बाद २१ जुलाई को कुलगाम में उनका गोलियों से छलनी शव बरामद हुआ था ।
स्त्रोत : नवभारत टाइम्स

Thursday, 26 July 2018

ग्रेटर नोएडा से दो बांग्लादेशी जिहादी आतंकी गिरफ्तार, देहली-एनसीआर में बडी घटना को देना चाहता था अंजाम


उत्तर प्रदेश के आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) की अगुवाई में हुई संयुक्त कार्रवाई में नोएडा से आतंकवादी संगठन जमात-उल-मुजाहिद्दीन बांग्लादेश (जेएमबी) के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया ।
उत्तर प्रदेश एटीएस द्वारा यहां जारी बयान के अनुसार एटीएस, पश्चिम बंगाल पुलिस और गौतम बुद्ध नगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में जेएमबी के सक्रिय सदस्यों रूबेल अहमद और मुशर्रफ हुसैन को नोएडा के सूरजपुर थाना क्षेत्र में गिरफ्तार कर लिया गया । पश्चिम बंगाल पुलिस ने कुछ समय पहले इन दोनों के गाजियाबाद और नोएडा में छुपे होने की सूचना दी थी ।
बयान के अनुसार, पकडे गए दोनों संदिग्ध आतंकवादियों से अभी तक की पूछताछ में स्पष्ट हुआ है कि वे जेएमबी के सदस्य हैं और मार्च २०१८ में बांग्लादेश पुलिस के दबाव में वहां से भाग निकले थे । इन दिनों वे गाजियाबाद और नोएडा में रहकर काम कर रहे थे । पश्चिम बंगाल पुलिस दोनों अभियुक्तों कों ट्रांजिट रिमांड पर लेने के लिये उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत करेगी । उत्तर प्रदेश एटीएस दोनों से गहन पूछताछ के लिए पश्चिम बंगाल जाएगी । नोएडा पुलिस सूत्रों का कहना है कि दोनों राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में किसी बडी आतंकवादी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे ।
सूत्रों का कहना है कि खुफिया विभाग से सूचना मिली थी कि जेएमबी के कुछ सदस्य एनसीआर में अपने संगठन के लिए धन जुटा रहे हैं ।
जमात उल मुजाहिद्दीन बांग्लादेश (जेएमबी) का गठन वर्ष १९९८ में अब्दुल रहमान ने ढाका डिवीजन के पालमपुर में किया था । २००५ में जेएमबी ने एक एनजीओ पर हमला किया था जिसके बाद बांग्लादेश सरकार ने इसपर प्रतिबंध लगा दिया था ।
स्त्रोत : जनसत्ता

Tuesday, 29 May 2018

महाराष्‍ट्र : आतंकवाद निरोधक दस्‍ते (एटीएस) ने छापा मारकर ३६ बांग्‍लादेशी किए गिरफ्तार


महाराष्‍ट्र : आतंकवाद निरोधक दस्‍ते (एटीएस) ने छापा मारकर ३६ बांग्‍लादेशी किए गिरफ्तार


महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्‍ते (एटीएस) ने पुणे ग्रामीण के पिपंरी चिंचवड में छापा मार कर अवैध तरीके से रहे ३६ बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया है ! अभी कई इलाकों में भी छापेमारी की जा रही है । पिपंरी चिंचवड़ में कल से छापेमारी चल रही है । एटीएस को इलाके में बांग्‍लादेशियों के होने की सूचना मिली थी !
बता दें कि इससे पहले मार्च में भी महाराष्ट्र के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने बगैर वैध दस्तावेजों के भारत में रहने के आरोप में आठ बांग्लादेशी नागरिकों को कांदिवली इलाके से गिरफ्तार किया था । पुलिस ने इस बात की जानकारी दी । अधिकारियों ने रविवार रात कांदिवली के लालजीपदा इलाके में एटीएस की चारकोप इकाई की छापेमारी के बाद इन आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया ।
बताया गया कि उन्होंने कबूल किया था कि वे बांग्लादेश के नागरिक हैं ! दो लोगों ने तो पैन कार्ड और आधार कार्ड भी बनवा लिया था ! पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) नियमों, विदेशी अधिनियम और आईपीसी की धाराओं के तहत उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया ।
स्त्रोत : न्यूज 18

Sunday, 6 May 2018