Thursday, 9 August 2018

पीडिताओं ने सुनाई आपबीती, पडाेसी, ससुर से लेकर मौलवी तक के साथ करना पडश ‘हलाला

पडश ‘हलाला’

बडे अरमान लेकर वे शादी के बाद अपने पति के घर आयी थीं। हर सुख दुख में साथ देने का वादा किया था। परंतु कुछ समय इन महिलाओं के साथ ऐसा हुआ, जिसे वे शायद ही भुला पाएं। पति ने उन्हें तलाक दे दिया। दोबारा साथ रखने के नाम पर उनके साथ ‘हलाला’ किया गया। किसी के साथ पडाेसी ने तो किसी के साथ मौलवी ने हलाला किया। और तो और ससुर (पति के पिता) के साथ भी हलाला करना पडा। इसके बाद भी कई को उनके पति ने नहीं अपनाया। कुछ को अपनाया भी तो उन्हें वह सम्मान नहीं मिलता है। अपमान भरी जिंदगी जीने को मजबूर हैं। कभी-कभी उन्हें लगता है कि, इससे बेहतर तो मौत रहती। बुधवार को उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित राज्य अल्पसंख्यक आयोग में पहुंच पीडिताओं ने अपनी दर्द भरी दांस्ता सुनाई। उनकी दांस्ता सुनने के बाद आयोग ने अब इनकी सहायता करने का निर्णय लिया है।
उत्तर प्रदेश के सम्भल जिले के नखसा थाना क्षेत्र मोहल्ले में एक मुस्लिम महिला के साथ दो बार हलाला करने का मामला सामने आया है। एक बार उसे देवर के साथ हलाला करवाया गया और दूसरी बार ननदोई के साथ। पीडिता के अनुसार, पांच साल पहले उसका निकाह हुआ था। निकाह के बाद दहेज के लिए प्रताडित किया जाने लगा। इस बीच १६ जून को २०१८ को उसके शौहर ने तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया। बाद में समझौते के बाद १९ जून को उसे देवर के साथ हलाला करवाया गया। एक माह बाद १९ जुलाई को उसके पति ने फिर से तलाक दे दिया और इस बाद उसके ननदोई के साथ हलाला करवाया गया।
इससे पहले भी उत्तर प्रदेश के बरेली से एक मामला सामने आया था जहां पति से तलाक के बाद ससुर के साथ हलाला करवाया गया। हलाला के बाद इद्दत की अवधि के दौरान उसके पति ने जबरदस्ती संबंध बनाए। इस दौरान महिला गर्भवती हो गई और उसने एक बच्चे को जन्म दिया। अब पति यह कहकर महिला को साथ रखने को तैयार नहीं है कि बच्चा उसका नहीं है।
हलाला को लेकर इस तरह के मामले पहली बार सामने नहीं आये हैं। आये दिन खबरें आती रहती हैं कि पति ने तलाक दे दिया और फिर समझौता होने के बाद दुबारा साथ रखने के लिए महिला का हलाला करवाया गया। हलाला करने वालों में उसके रिश्तेदार से लेकर मौलवी तक शामिल होते हैं। इस पूरे मामले पर उत्तर प्रदेश राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष तनवीर हैदर उस्मानी ने कहा कि, “सभी पीडिताओं को न्याय दिलाया जाएगा। हलाला के नाम पर वेश्यावृति हो रही है। हमने इस संबंध में संबंधित जिलों के डीएम-एसएसपी से रिपोर्ट मांगी है। सरकार को तीन तलाक की तरह हलाला पर भी प्रतिबंध लगाने के लिए कानून बनाना चाहिए।”
स्त्राेत : जनसत्ता

ब‌र्द्धमान व बोधगया विस्फोट का मास्टर माइंड मोहम्मद जहीदुल इस्लाम गिरफ्ता

ब‌र्द्धमान व बोधगया विस्फोट का मास्टर माइंड मोहम्मद जहीदुल इस्लाम उर्फ कौसर
कोलकाता : २ अक्टूबर २०१४ को ब‌र्द्धमान के खागरागढ एवं जुलाई २०१३ में बिहार के बोधगया में हुए सीरियल बम विस्फोट के मास्टरमाइंड एवं आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के टॉप लीडर मोहम्मद जहीदुल इस्लाम उर्फ कौसर को आखिरकार राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने गिरफ्तार कर लिया है !
३८ वर्षीय कौसर पर एनआइए ने ५ लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। उसे मंगलवार को बेंगलुरु के निकट रामनगरा स्थित एक घर से गिरफ्तार किया गया। उसके ठिकाने से विस्फोटक व कुछ आपत्तिजनक इलेक्ट्रोनिक्स डिवाइस आदि भी बरामद किया गया है। एनआइए को कौसर की लंबे समय से तलाश थी और वह लगातार चमका दे रहा था। उसकी गिरफ्तारी सुरक्षा एजेंसी के लिए बहुत बड़ी सफलता है !
एनआइए के अनुसार, कौसर जेएमबी का शीर्ष नेता होने के साथ इस आतंकी संगठनद्वारा भारत में संचालित जमात-उल-मुजाहिदीन इंडिया (जेएमआइ) का टॉप लीडर है। ब‌र्द्धमान व बोधगया विस्फोट के अलावा कौसर बांग्लादेश में भी कई मामलों में वांछित है। बांग्लादेश को भी लंबे समय से उसकी तलाश थी।
ब‌र्द्धमान धमाका – अक्टूबर २०१४
इधर, ब‌र्द्धमान धमाके पीछे कौसर का ही हाथ माना जाता है। वहीं, बोधगया ब्लास्ट का भी वह मास्टरमाइंड है। कौसर के ही निर्देश पर उसके करीबी मुस्तफिजुर रहमान उर्फ शाहीन ने बोधगया के महाबोधि मंदिर में विस्फोट को अंजाम देने के लिए विस्फोटक सामग्री जुटाने के साथ बम भी लगाए थे।
अपनी पहचान छिपाने के लिए कौसर कई नाम से जाना जाता था। मुन्ना, मिजान एवं बोमा मियां नाम से भी उसे जाना जाता था। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, कौसर मूल रूप से बांग्लादेशी नागरिक है, परंतु जाली दस्तावेजों के आधार पर वह यहां भारतीय नागरिक के रूप में अवैध तरीके से रह रहा था। वह कथित तौर पर ब‌र्द्धमान के बाबूरबाग का निवासी बताता था। ब‌र्द्धमान के अलावा बीरभूम जिले के बोलपुर में भी उसका घर है।
स्त्रोत : जागरण

Wednesday, 8 August 2018

स्वतंत्रता दिवस पर देहली को दहलाने घुस चुका है यह खूंखार आतंकी, अलर्ट जारी


नई देहली : स्वतंत्रता दिवस में अब बस कुछ दिन बचे हैं और देश में जगह-जगह समारोह के लिए तैयारियां जोरों पर हैं परंतु इन सबके बीच सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ गई है। उनकी चिंता का मुख्य कारण खुफिया विभाग की ओर से जारी किया गया अलर्ट है। खुफिया विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि स्वतंत्रता दिवस समारोह के दिन राजधानी में फिदायीन हमला हो सकता है। खुफिया एजेंसियों ने बताया है कि राजधानी को दहलाने के लिए कुछ आतंकी देहली में घुस चुके हैं। बता दें कि इस सूचना के बाद से देशभर में सुरक्षा को लेकर सभी एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है।

जैश-ए-मोहम्मद का आतंकी

खुफिया एजेंसियों ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि जैश-ए-मोहम्मद का आतंकी मोहम्मद इब्राहिम उर्फ इस्माइल देहली में घुस चुका है और फिदायीन हमले की साजिश रच रहा है। बता दें कि इब्राहिम, जैश-ए-मोहम्मद के चीफ मौलाना मसूद अजहर के भाई मुफ्ती अब्दुल रउफ असगर का पुराना बॉर्डी गार्ड है। खुफिया एजेंसियों ने बताया है कि इब्राहिम मई में ही जम्मू के रास्ते भारत में दाखिल हुआ था। जो अब देहली तक पहुंच चुका है। इब्राहिम देहली में ही रहकर जैश के अन्य आतंकियों से मिलकर राजधानी को दहलाने के लिए बडी साजिश रच रहा है।

इब्राहिम के अलावा एक अन्य आतंकी भी देहली में है मौजूद

आपको बता दें कि स्वतंत्रता दिवस पर देहली को दहलाने की साजिश रच रहे जैश मोहम्मद का एक और आतंकी मोहम्मद उमर भी देहली में ही मौजूद है। एजेंसियों के अनुसार उमर और इब्राहिम दोनों मिलकर फिदायीन हमले की यह साजिश रच रहे हैं। इन दोनों ने जम्मू-कश्मीर से देहली के लिए कई आतंकियों को रवाना होने के निर्देश भी दे दिए हैं। खुफिया एजेंसियों ने बताया है कि जैश में दूसरा स्थान रखने वाला मौलाना मसूद अजहर का भाई मुफ्ती अब्दुल रउफ असगर इस साजिश का मुख्य कमांडर है। जो कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ के सहयोग से देहली में फिदायीन हमले की तैयारियों पर सीधे नजर बनाए हुए है।
स्त्रोत : पत्रिका

Sunday, 5 August 2018

जम्मू-कश्मीर : शोपियां में सेना की बडी कामयाबी, मुठभेड में चार आतंकी ढेर


जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड में आज (४ अगस्त) चार आतंकवादी मारे गए हैं। खबर है कि इलाके में अभी और आतंकी छिपे हो सकते हैं। सेना सर्च अभियान चलाया है। इससे पहले बीते शुक्रवार को सेना के हाथों मारे गए एक आतंकी का शव बरामद किया था। जानकारी के अनुसार सुरक्षा बलों ने जिस आतंकी का शव बरामद किया उसकी पहचान लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी उमर मलिक के रूप में की गई। एक एके-४७ से भी शव से बरामद की गई है। इसके अलावा सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) ने दो जिंदा हैंड ग्रेनेड के साथ दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां राज्य के पंथा चौक से की गईं।
वहीं राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर पाकिस्तानी गोलीबारी में सीमा सुरक्षाबल (बीएसएफ) का एक अधिकारी घायल हो गया। सूत्र ने शनिवार को बताया कि शुक्रवार शाम को सुंदरबनी सेक्टर में नियमित गश्ती के दौरान सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) एस.के.मिश्रा को गोली जा लगी। बीएसएफ सूत्र ने बताया, “उन्हें इलाज के लिए तुरंत अस्पताल ले जाया गया।
स्त्रोत : जनसत्ता

बीटेक ग्रैजूएट था खुर्शीद, आतंकी बनने के दो दिन बाद ही सुरक्षाबलों ने किया ढेर


दो दिन पहले ही आंतकियों के साथ शामिल हुआ था यह खुर्शीद मलिक
जम्मू-कश्मीर के बारामुला जिला स्थित सोपोर के डुरसू गांव में एनकाउंटर के दौरान खुर्शीद मलिक और रेयाज अहमद नाम के दो आंतकी मारे गए। खुर्शीद मलिक इंजनियरिंग में ग्रैजूएट था और दो दिन पहले ही आंतकियों के साथ शामिल हुआ था !
मलिक के परिजनों के अनुसार, हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर समीर टाइगर को मार गिराए जाने का एक वीडियो देखने के बाद वह अल बद्र में जाने के लिए प्रोत्साहित हुआ। मलिक की चाची ने मलिक को समीर के बारे में बताया कि, ‘वह शहीद हुआ है और कश्मीर के लिए आखिरी तक लडा !’
सुरक्षाबलों को जानकारी मिली कि मलिक और अहमद, डूसरू गांव में छिपे हैं, जिसके बाद घेराबंदी की गई। इस दौरान परिजन भी आ गए और दोनों युवकों से सरेंडर करने को कहा, परंतु वह नहीं माने। इसके बाद हुई मुठभेड दोनों आतंकी मार गिराए गए।
२६ वर्षीय मलिक ने बीते साल जम्मू कॉलेज से बीटेक पास किया था। उसने गेट की परीक्षा भी क्वालिफाई की थी। इसके साथ ही इसी साल २४ जून को वह जम्मू-कश्मीर पुलिस के टेलिकॉम विंग और एग्जीक्यूटिव विंग में सब इंस्पेक्टर पद के लिए कराए गए रिटेन टेस्ट में भी शामिल हुआ था।
मलिक के चचेरे भाई ने बताया, ‘वह ३१ जुलाई को घर छोड कर गया और हमें बताया कि केएएस (कश्मीर प्रशासनिक सेवा) के लिए फॉर्म जमा करने जा रहा है। हमें पता चला है कि उसने ऑनलाइन फॉर्म सबमिट कर दिया था। हालांकि, तब से वह वापस नहीं आया और उसका फोन भी बंद था। हमने पुलिस को गुरुवार को सूचना दी !’ खुर्शीद के पिता एक सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी हैं।
स्त्रोत : न्यूज 18

Saturday, 28 July 2018

जम्मू-कश्मीर : पुलवामा के त्राल में आतंकियों ने किया जम्मू-कश्मीर पुलिस अधिकारी का अपहरण


शकील अहमद लोन (Image source : India TV)
श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में आतंकियों द्वारा एक पुलिस अधिकारी का अपहरण किए जाने की खबर है । स्थानीय सूत्रों के अनुसार, आतंकियों द्वारा पुलवामा के त्राल इलाके में एक स्पेशल पुलिस अधिकारी को उसके घर के पास से अगवा किया गया है । अपहरण किए गए पुलिसकर्मी का नाम शकील अहमद लोन बताया जा रहा है ।
मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस अधिकारी के अपहरण की यह घटना शुक्रवार देर रात पुलवामा के त्राल इलाके में हुई है । त्राल को हिज्बुल मुजाहिद्दीन का गढ माना जाता रहा है और यह पहले कई बार आतंकियों के विरोध में सेना और पुलिस कई बडे अभियान चला चुकी है । वहीं घटना की जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अब इस संबंध में पूरी जानकारी इकट्ठा करने में लगी हुई हैं । एसपीओ के अपहरण पर पुलिस की ओर से बयान देते हुए डीजीपी एसपी वैद ने कहा कि हम अभी अपहरण की सूचना की पुष्टि कर रहे हैं और पुलिसकर्मी के परिवार ने उसके किसी रिश्तेदार के घर गए होने की बात कही है इसलिए मामले की जांच की जा रही है ।

हाल में कॉन्स्टेबल सलीम को भी किया था अगवा

बता दें कि, हाल ही में जम्मू-कश्मीर में एक और जवान को अगवा करने के बाद आतंकियों ने हत्या कर दी थी । छुट्टी पर चल रहे जम्मू-कश्मीर पुलिस के कॉन्स्टेबल सलीम शाह का दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में मुतालहामा इलाके स्थित उनके घर से अपहरण कर लिया गया था । इसके बाद २१ जुलाई को कुलगाम में उनका गोलियों से छलनी शव बरामद हुआ था ।
स्त्रोत : नवभारत टाइम्स

Thursday, 26 July 2018

ग्रेटर नोएडा से दो बांग्लादेशी जिहादी आतंकी गिरफ्तार, देहली-एनसीआर में बडी घटना को देना चाहता था अंजाम


उत्तर प्रदेश के आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) की अगुवाई में हुई संयुक्त कार्रवाई में नोएडा से आतंकवादी संगठन जमात-उल-मुजाहिद्दीन बांग्लादेश (जेएमबी) के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया ।
उत्तर प्रदेश एटीएस द्वारा यहां जारी बयान के अनुसार एटीएस, पश्चिम बंगाल पुलिस और गौतम बुद्ध नगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में जेएमबी के सक्रिय सदस्यों रूबेल अहमद और मुशर्रफ हुसैन को नोएडा के सूरजपुर थाना क्षेत्र में गिरफ्तार कर लिया गया । पश्चिम बंगाल पुलिस ने कुछ समय पहले इन दोनों के गाजियाबाद और नोएडा में छुपे होने की सूचना दी थी ।
बयान के अनुसार, पकडे गए दोनों संदिग्ध आतंकवादियों से अभी तक की पूछताछ में स्पष्ट हुआ है कि वे जेएमबी के सदस्य हैं और मार्च २०१८ में बांग्लादेश पुलिस के दबाव में वहां से भाग निकले थे । इन दिनों वे गाजियाबाद और नोएडा में रहकर काम कर रहे थे । पश्चिम बंगाल पुलिस दोनों अभियुक्तों कों ट्रांजिट रिमांड पर लेने के लिये उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत करेगी । उत्तर प्रदेश एटीएस दोनों से गहन पूछताछ के लिए पश्चिम बंगाल जाएगी । नोएडा पुलिस सूत्रों का कहना है कि दोनों राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में किसी बडी आतंकवादी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे ।
सूत्रों का कहना है कि खुफिया विभाग से सूचना मिली थी कि जेएमबी के कुछ सदस्य एनसीआर में अपने संगठन के लिए धन जुटा रहे हैं ।
जमात उल मुजाहिद्दीन बांग्लादेश (जेएमबी) का गठन वर्ष १९९८ में अब्दुल रहमान ने ढाका डिवीजन के पालमपुर में किया था । २००५ में जेएमबी ने एक एनजीओ पर हमला किया था जिसके बाद बांग्लादेश सरकार ने इसपर प्रतिबंध लगा दिया था ।
स्त्रोत : जनसत्ता