Monday, 19 February 2018

अगर इन्हे भारतीय नागरिकता मिल सकती है, तो पाक से आए हिन्दू शरणार्थीआें को कब मिलेगी ?

अगर इन्हे भारतीय नागरिकता मिल सकती है, तो पाक से आए हिन्दू शरणार्थीआें को कब मिलेगी ?



केंद्र सरकार एक प्लान पर विचार कर रही है जिसके तहत लगभग ३५० पूर्व कश्मीरी आंतकी रहे लोगों का उचित पुनर्वास किया जाएगा । इनमें वो लोग शामिल हैं जिन्हें कि पाक अधिकृत कश्मीर में वर्ष १९८९ से लेकर २००९ के बीच ट्रेनिंग दी गई थी । मगर वह राज्य सरकार की वर्ष २०१० में आई वापसी की पॉलिसी की वजह से देश लौट आए हैं । इन पूर्व आतंकियों की पत्नी और बच्चों को एक उचित लाभ देने पर विचार किया जा रहा है । यदि केंद्र इस प्लान को बना लेती है तो इससे उन बच्चों को नागरिकता मिल जाएगी जिनका जन्म पाक अधिकृत कश्मीर में हुआ था । इसके अलावा आतंकी की पत्नियों को भी भारत का नागरिक बनाया जा सकेगा । जम्मू और कश्मीर के लिए नियुक्त केंद्र के प्रतिनिधि दिनेश्वर शर्मा पूर्व आतंकियों, उनके बच्चों और पत्नियों के आर्थिक पुनर्वास पर अध्ययन कर रहे हैं । जम्मू और कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती द्वारा जारी की गई सूचना के अनुसार वर्ष २०१० तक नेपाल और बांग्लादेश के जरिए ३३७ पूर्व आतंकी अपने ८६४ परिवार के सदस्यों के साथ वापस राज्य लौटे हैं ।
गृहमंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि पूर्व आतंकियों ने पाक अधिकृत कश्मीर को जम्मू और कश्मीर में एक बेहतर, शांतिपूर्ण जीवन जीने की अपेक्षा में छोड़ा था । वापस आए यह आतंकी राज्य में इस समय दयनीय जीवन जी रहे हैं क्योंकि उनके लिए किसी तरह का रोजगार या नौकरी नहीं है । उनकी पत्नी और बच्चे राज्यरहित लोग हैं जिन्हें कि भारत में आने से पहले अपना पाकिस्तानी पासपोर्ट नष्ट करना पड़ा था । उनकी नागरिकता पर अभी फैसला नहीं हुआ है । जिसकी वजह से वह राज्य की मूलभूत सुविधाओं जैसे कि स्कूल या कॉलेज में दाखिला लेना या जम्मू और कश्मीर से बाहर जाने के अयोग्य हैं ।
स्त्राेत : अमर उजाला

Monday, 5 February 2018

उत्तर प्रदेश : एटीएस के हत्थे चढा संदिग्ध आतंकी शेख अली अकबर

लखनऊ : उत्तर प्रदेश ऐंटी टेररेजम स्क्वॉड (एटीएस) को सोमवार शाम बडी सफलता हाथ लगी है ! कश्मीर में संदिग्ध आतंकी गतिविधियों में शामिल शेख अली अकबर नाम के व्यक्ति को एटीएस ने लखनऊ से गिरफ्तार किया है । पुलिस को काफी समय से अली अकबर की तलाश थी । पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां उससे पूछताछ में जुटी हैं ।
इससे पहले दिसंबर २०१७ में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ( एनआयए) ने लखनऊ से ही लश्कर के आतंकी शेख अब्दुल नईम को गिरफ्तार किया था । नईम २००६ में हुए हैदराबाद बम धमाके का मुख्य आरोपी है । नईम एक बार चलती ट्रेन से कूदकर भाग चुका था ।
कुछ महीने पहले ही लश्कर-ए-तैयबा की छिपी हुई गतिविधियों से जुडी जांच जारी रखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआयए) ने बिहार के एक व्यक्ति को देहली से गिरफ्तार किया था ।
स्त्रोत : नवभारत टाईम्स

बिजनौर : सेना के प्रति अपशब्दों का प्रयोग करते हुए कश्मीरी मुस्लिमों के लिए चंदा मांगनेवाला कश्मीरी दंपती गिरफ्तार


किरतपुर (बिजनौर) : हिन्दू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने मुस्लिम मोहल्लों में भारतीय सेना के प्रति अपशब्द कहकर चंदा मांग रहे एक कश्मीरी दंपती को पकडकर पुलिस के हवाले कर दिया ।
रविवार शाम एक महिला और एक पुरुष किरतपुर शहर के मुस्लिम मोहल्लों में भारतीय सेना के प्रति अपशब्दों का प्रयोग करते हुए कश्मीरी मुस्लिमों के लिए चंदा मांग रहे थे । इस बात का पता चलने पर हिन्दू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने दोनों को पकडकर पूछताछ की । सूचना पर पहुंचे थाना प्रभारी निरीक्षक मुकेश कुमार सिंह दोनों को पकडकर थाने ले गए । उन्होंने बताया कि, तलाशी में इनके पास से जम्मू कश्मीर स्टूडेंट नेशनल रिलीफ फंड बारामूला श्रीनगर का लेटर पैड तथा कुछ आइडी मिली हैं । दोनों ने अपने नाम गुलाम नवी और कौसर पत्नी गुलाम नवी निवासी ग्राम हुसन बांगिल थाना कुंजर बारामूला कश्मीर बताया है । पुलिस इन दोनों से बरामद कागजों की जांच कर रही है ।

कार्यवाहक एसपी दिनेश कुमार ने कहां कि, दंपती चंदा मांगते हुए पकडा गया है । उनके परिवार के लोग मुरादाबाद में रह रहे हैं । वहां से जानकारी जुटाई जा रही है । फिलहाल उनके पास कोई आपत्तिजनक दस्तावेज नहीं मिले हैं । पूरी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी ।
स्त्रोत : जागरण

कश्मीरी छात्रों के लिए स्कॉलरशिप ऑफर कर रहा पाकिस्तान, ज्यादातर छात्र आतंकवादियों के रिश्तेदार



नई देहली : पाकिस्तान अपनी आेर झुकाव रखनेवाले भारतीय कश्मीरी युवकों की पीढी तैयार करने के लिए उन्हें स्कॉलरशिप की पेशकश कर रहा है ! स्टूडेंट वीजा पर पाकिस्तान गए ज्यादातर युवक आतंकवादियों के रिश्तेदार हैं । यह बात राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआयए) ने टेरर फंडिंग मामले में दाखिल आरोपपत्र में कही है !
एनआयए के अनुसार, ‘जांच के दौरान पता चला कि जो युवक स्टूडेंट वीजा पर पाकिस्तान गए हैं, वे या तो पूर्व आतंकवादियों के या सक्रिय आतंकवादियों के रिश्तेदार हैं, जो कई आतंकी गतिविधियों में संलिप्त हैं और पाकिस्तान में शरण लिए हुए हैं । वे वहां हुर्रियत नेता के तौर पर पहचाने जाते हैं !’ जांच एजेंसी ने यह भी दावा किया कि इन युवाओं के वीजा आवेदन के लिए कई हुर्रियत नेता नई देहली स्थित पाकिस्तानी उच्चायुक्त में सिफारिश भी करते हैं, जिसमें हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी भी शामिल हैं !

सलाउद्दीन एनआयए और सईद

न्यायालय में १८ जनवरी को दाखिल आरोपपत्र में खुलासा हुआ है कि कई युवक, जो पाकिस्तान जाते हैं, वे पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जेवाले हुर्रियत नेताओं के सहयोग से अपने ऐडमिशन संबंधित काम करवाते हैं । एनआयए ने कहा कि पाकिस्तान सरकार की कई परियोजनाओं के अंतर्गत उन्हें वहां एमबीबीएस और इंजिनियरिंग सीटें उपलब्ध करवाई जाती हैं । एनआयए के आरोपपत्र की प्रति आयएएनएस के पास भी है, जिसमें कहा गया है, ‘यह त्रिकोणीय गठजोड़ की ओर इशारा करता है, जहां आतंकवादी, हुर्रियत और पाकिस्तानी प्रतिष्ठान तीन केंद्रों में हैं और ये सभी मिलकर कश्मीर में डॉक्टरों और इंजिनियरों की ऐसी पीढी पैदा कर रहे हैं, जिसका झुकाव पाकिस्तान की आेर होगा !’
आपको बता दें कि एनआयए ने नईम खान के घर से ऐसे दस्तावेज जब्त किए थे, जिसमें पाकिस्तान स्थित एक नामी मेडिकल कॉलेज में एक छात्रा के दाखिले की इस आधार पर सिफारिश की गई थी कि उसका परिवार कश्मीर में स्वतंत्रता संघर्ष के लिए हर तरह से प्रतिबद्ध है । एनआयए के अनुसार, इसी तरह का एक दस्तावेज शाहिद-उल-इस्लाम के घर से जब्त किया गया था, जिसमें हुर्रियत नेता वीजा जारी करने के लिए पाकिस्तानी उच्चायोग को सिफारिश भेज रहे थे ।
आरोपपत्र में पाकिस्तान में रह रहे आतंकवादी हाफिज सईद, सैयद सलाहुद्दीन व सात अन्य कश्मीरी अलगाववादियों समेत तीन अन्य के नाम हैं । आरोपपत्र में हुर्रियत के जिन नेताओं के नाम हैं, उनमें अफताब हिलाली ऊर्फ शाहिद-उल-इस्लाम, एयाज अकबर खांडेय, फारूक अहमद डार ऊर्फ बिट्टा कराटे, नईम खान, अल्ताफ अहमद शाह, राजा मेहराजुद्दीन कलवल और बशीर अहमद भट ऊर्फ पीर सैफुल्लाह शामिल है । एनआयए ने इसके अलावा व्यापारी जहूर अहमद वताली और पथराव करनेवाले कामरान और जावेद अहमद भट नामक दो युवकों के खिलाफ भी आरोपपत्र दाखिल किया है !
स्त्रोत : नवभारत टाईम्स

पाक की नापाक हरकत : पाक सेना की फायरिंग में कैप्टन सहित चार सैनिक हुतात्मा



भारत मां के आैर कितने सपुतों को खोने के बाद सरकार पाक को सबक सिखाने के लिए कडा कदम उठाएगा ?

कुछ दिन की खामोशी के बाद पाकिस्तानी रेंजर्स ने एकबार फिर जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा पर रविवार को गोलाबारी की । इसमें गुडगांव निवासी कैप्टन कपिल कुंडू समेत चार सैनिक हुतात्मा हो गए । हमले में दो नाबालिग समेत चार लोग घायल हो गए । भारतीय सेना ने भी पाक की इस हरकत का मुंहतोड जवाब दिया !


बाएं आेर से हवलदार रोशन सिंह, राइफलमैन रामवतार आैर राइफलमैन शुभम सिंह

सैन्य अधिकारियों ने बताया कि रविवार शाम संघर्षविराम का उल्लंघन करते हुए पाकिस्तानी रेंजर्स ने राजौरी के भीमबेर गली सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास भारी गोलाबारी और बमबारी की । इसमें गुडगांव के रांसिका गांव निवासी कैप्टन कपिल कुंडू, ग्वालियर निवासी राइफलमैन रामवतार, कठुआ निवासी राइफलमैन शुभम सिंह, सांबा निवासी हवलदार रोशन सिंह हुतात्मा हो गए । २२ वर्षीय कैप्टन का छह दिन बाद यानी १० फरवरी को ही जन्मदिन था । इससे पहले पाकिस्तानी रेंजर्स ने जिले के मंजकोट सेक्टर में दो गांवों को निशाना बनाते हुए मोर्टार के गोले दागे । हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ ।


कैप्टन कपिल कुंडू अपनी माताजी एवं बहन के साथ, कैप्टन का छह दिन बाद यानी १० फरवरी को ही जन्मदिन था !

गांवों को भी निशाना बनाया

रविवार सुबह पुंछ जिले के शाहपुर सेक्टर में पाक की गोलाबारी में दो नागरिक शाहनाज बानो (१५), यासीन आरिफ (१४) और एक सैनिक घायल हो गए । पाक रेंजर्स ने नियंत्रण रेखा से लगते अग्रिम चौकियों और गांव को निशाना बनाया था । यहां भी रूक रूक कर गोलीबारी जारी है !

तीन दिनों के लिए विद्यालय बंद

पाकिस्तानी की आेर से की जा रही गोलीबारी और गोलाबारी के मद्देनजर राजौरी में नियंत्रण रेखा के पांच किलोमीटर के दायरे में सभी ८४ विद्यालयों को तीन दिनों के लिए बंद कर दिया गया है । राजौरी के उपायुक्त शाहिद इकबाल ने यह जानकारी दी ।

घरों के अंदर रहने की सलाह

राजौरी में सीमा से सटे इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है । अधिकारियों ने लोगों को घर से न निकलने की सलाह दी है ।

गोलियों से दें पाक को जवाब

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा, सुरक्षाबलों को आदेश दे दिया गया है कि पाकिस्तान की आेर से की गई गोलीबारी का जवाब अनगिनत गोलियों से दें ।

इसलिए बौखलाया पाक

भारत की ओर की गई सर्जिकल स्ट्राइक, आतंकियों और पाकिस्तानी रेंजर्स के विरुद्ध कार्रवाई से पाक बौखलाया हुआ है । हाल के दिनों में आतंकी फंडिंग पर नकेल कसने और कश्मीर में मुख्यधारा में शामिल हो रहे आतंकियों को देखते हुए पाक तिलमिलाया हुआ है और ऐसी घटनाओं को अंजाम देने की फिराक में है !
कब कहां हमला
  • सुबह ११:१० बजे : पुंछ के शाहपुर सेक्टर में मोर्टार से हमला ।
  • दोपहर बाद ३:४० बजे : राजौरी के मनकोट सेक्टर में ।
  • शाम ६:१५ बजे : राजौरी के भीमबेर गली सेक्टर में ।

कब क्या हुआ
– १३८ पाक सैनिक मारे गए २०१७ में एलओसी पर
– १५५ पाकिस्तानी सैनिक पिछले साल भारत की जवाबी कार्रवाई में घायल हुए
– २८ भारतीय सैनिक भी हुतात्मा हुए इस दौरान
– ८६० बार पाक ने संघर्षविराम का उल्लंघन किया २०१७ में
– २२१ बार पाक ने संघर्षविराम का उल्लंघन किया था २०१६ में
– २७ पाकिस्तानी सैनिकों को भारतीय स्नाइपर ने मार गिराया
– ५ पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे पिछले साल दिसंबर के अंतिम हफ्ते में

Saturday, 3 February 2018

आतंकियों का गढ बना बुरहान का त्राल, चार और धर्मांध युवक जैश-ए-मोहम्मद में हुए शामिल

Friday, February 2, 2018

आतंकियों का गढ बना बुरहान का त्राल, चार और धर्मांध युवक जैश-ए-मोहम्मद में हुए शामिल

  • यदि एेसे ही चलता रहा, तो एक दिन त्राल का पाकिस्तान बनने में समय नहीं लगेगा !
  • आतंक की राह पर जाने से रोकने में असफल मेहबुबा सरकार बर्खास्त कर वहां राष्ट्रपती शासन लागू करें, एेसी राष्ट्रप्रेमीयों की मांग है 
आतंकी बुरहान वानी को तो सुरक्षाबलों ने मार गिराया, परंतु उसका इलाका त्राल आतंक की नर्सरी बनता जा रहा है । इसी क्षेत्र के चार और युवक आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद में शामिल हो गए हैं ।
महबूबा सरकार ने आतंकियों की वापसी के लिए तो नीति बनाई परंतु युवाओं को आतंक की राह पर जाने से रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाया है । सूत्रों के अनुसार पिछले एक वर्ष में इस क्षेत्र के मोहम्मद आकिब खान, मुबशिर अहमद, गोहर वानी और अशफाक खान जैश में शामिल हुए ।
बताते हैं कि इन्हें कारी वकास उर्फ मुफ्ती वकास नाम के एक युवक ने बहकाया है । इस क्षेत्र में पिछले कुछ समय में मारे गए आतंकियों में बुरहान वानी का नाम सबसे ऊपर है । इसके अलावा सब्जार भट्ट, अबू लल्हारी, अबू दुजाना, उमर खालिद आदि आतंकी भी इसी क्षेत्र के थे । जो सुरक्षा बलों द्वारा मारे गए ।
कारी, पीओके का रहने वाला है । जिसकी उम्र अभी लगभग २५ वर्ष है । यह भी पता चला है कि वह इस क्षेत्र में इन आतंकियों को अपने साथ रखकर ट्रेनिंग दे रहा है । हैरत की बात है कि कश्मीर में शांति का हल ढूंढने आए वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा भी अब तक त्राल नहीं गए । जम्मू कश्मीर के पूर्व डीजीपी एमएम खजूरिया ने कहा कि सरकार को इस क्षेत्र का विशेष अध्ययन कराना चाहिए ।

चार में से तीन युवक पढ़े लिखे

१. मोहम्मद आकिब खान त्राल के राजपुरा का रहने वाला है और मकेनिकल इंजीनियरिंग की है । आयु लगभग २२ वर्ष है ।
२. मुबशिर अहमद पुलवामा के ही त्राल, पशतूना गांव का रहने वाला है । अरैबिक मास्टर की पढाई की है । आयु लगभग २५ वर्ष है ।
३. गोहर वानी त्राल के ही हरमूदिर में रहने वाला गोहर ने बी टेक किया हुआ है । आयु लगभग २० वर्ष है ।
४ अशफाक खान त्राल के हंदूरा का रहने वाला है । वह दसवीं पास और कारपेंटर का काम सीख रहा था ।
स्त्रोत : अमर उजाला

Monday, 4 December 2017

Monday, December 4, 2017

ISIS के संपर्क में था अखिला अशोकन (हादिया) का पति : NIA

नई देहली : नैशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) की एक जांच में दावा किया गया है कि, अखिला अशोकन (हादिया) के पति शफीन जहां विवाह से एक महीने पहले एक क्लोज्ड फेसबुक ग्रुप और एक पॉप्युलर मेसेजिंग ऐप के माध्यम से आतंकवादी संगठन आईएसआईएस के संपर्क में थे। इस फेसबुक ग्रुप में पॉप्युलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) की पॉलिटिकल विंग एसडीपीआई के कुछ सदस्य जुड़े हुए थे। जांच में यह भी दावा किया गया है कि, उमर अल-हिंदी मामले में गिरफ्तार किए गए मनसीद और पी साफवान भी इस ग्रुप में शामिल थे।
मनसीद और साफवान को पिछले वर्ष अक्टूबर में गिरफ्तार किया था। इन पर आरोप है कि, आईएस से प्रभावित यह ग्रुप दक्षिण भारत में उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, पुलिस अधिकारियों और राजनीतिक नेताओं पर हमले का षडयंत्र रच रहा था।

स्त्रोत : नवभारत टाइम्स