Sunday, 5 August 2018

बीटेक ग्रैजूएट था खुर्शीद, आतंकी बनने के दो दिन बाद ही सुरक्षाबलों ने किया ढेर


दो दिन पहले ही आंतकियों के साथ शामिल हुआ था यह खुर्शीद मलिक
जम्मू-कश्मीर के बारामुला जिला स्थित सोपोर के डुरसू गांव में एनकाउंटर के दौरान खुर्शीद मलिक और रेयाज अहमद नाम के दो आंतकी मारे गए। खुर्शीद मलिक इंजनियरिंग में ग्रैजूएट था और दो दिन पहले ही आंतकियों के साथ शामिल हुआ था !
मलिक के परिजनों के अनुसार, हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर समीर टाइगर को मार गिराए जाने का एक वीडियो देखने के बाद वह अल बद्र में जाने के लिए प्रोत्साहित हुआ। मलिक की चाची ने मलिक को समीर के बारे में बताया कि, ‘वह शहीद हुआ है और कश्मीर के लिए आखिरी तक लडा !’
सुरक्षाबलों को जानकारी मिली कि मलिक और अहमद, डूसरू गांव में छिपे हैं, जिसके बाद घेराबंदी की गई। इस दौरान परिजन भी आ गए और दोनों युवकों से सरेंडर करने को कहा, परंतु वह नहीं माने। इसके बाद हुई मुठभेड दोनों आतंकी मार गिराए गए।
२६ वर्षीय मलिक ने बीते साल जम्मू कॉलेज से बीटेक पास किया था। उसने गेट की परीक्षा भी क्वालिफाई की थी। इसके साथ ही इसी साल २४ जून को वह जम्मू-कश्मीर पुलिस के टेलिकॉम विंग और एग्जीक्यूटिव विंग में सब इंस्पेक्टर पद के लिए कराए गए रिटेन टेस्ट में भी शामिल हुआ था।
मलिक के चचेरे भाई ने बताया, ‘वह ३१ जुलाई को घर छोड कर गया और हमें बताया कि केएएस (कश्मीर प्रशासनिक सेवा) के लिए फॉर्म जमा करने जा रहा है। हमें पता चला है कि उसने ऑनलाइन फॉर्म सबमिट कर दिया था। हालांकि, तब से वह वापस नहीं आया और उसका फोन भी बंद था। हमने पुलिस को गुरुवार को सूचना दी !’ खुर्शीद के पिता एक सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी हैं।
स्त्रोत : न्यूज 18

Saturday, 28 July 2018

जम्मू-कश्मीर : पुलवामा के त्राल में आतंकियों ने किया जम्मू-कश्मीर पुलिस अधिकारी का अपहरण


शकील अहमद लोन (Image source : India TV)
श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में आतंकियों द्वारा एक पुलिस अधिकारी का अपहरण किए जाने की खबर है । स्थानीय सूत्रों के अनुसार, आतंकियों द्वारा पुलवामा के त्राल इलाके में एक स्पेशल पुलिस अधिकारी को उसके घर के पास से अगवा किया गया है । अपहरण किए गए पुलिसकर्मी का नाम शकील अहमद लोन बताया जा रहा है ।
मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस अधिकारी के अपहरण की यह घटना शुक्रवार देर रात पुलवामा के त्राल इलाके में हुई है । त्राल को हिज्बुल मुजाहिद्दीन का गढ माना जाता रहा है और यह पहले कई बार आतंकियों के विरोध में सेना और पुलिस कई बडे अभियान चला चुकी है । वहीं घटना की जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अब इस संबंध में पूरी जानकारी इकट्ठा करने में लगी हुई हैं । एसपीओ के अपहरण पर पुलिस की ओर से बयान देते हुए डीजीपी एसपी वैद ने कहा कि हम अभी अपहरण की सूचना की पुष्टि कर रहे हैं और पुलिसकर्मी के परिवार ने उसके किसी रिश्तेदार के घर गए होने की बात कही है इसलिए मामले की जांच की जा रही है ।

हाल में कॉन्स्टेबल सलीम को भी किया था अगवा

बता दें कि, हाल ही में जम्मू-कश्मीर में एक और जवान को अगवा करने के बाद आतंकियों ने हत्या कर दी थी । छुट्टी पर चल रहे जम्मू-कश्मीर पुलिस के कॉन्स्टेबल सलीम शाह का दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में मुतालहामा इलाके स्थित उनके घर से अपहरण कर लिया गया था । इसके बाद २१ जुलाई को कुलगाम में उनका गोलियों से छलनी शव बरामद हुआ था ।
स्त्रोत : नवभारत टाइम्स

Thursday, 26 July 2018

ग्रेटर नोएडा से दो बांग्लादेशी जिहादी आतंकी गिरफ्तार, देहली-एनसीआर में बडी घटना को देना चाहता था अंजाम


उत्तर प्रदेश के आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) की अगुवाई में हुई संयुक्त कार्रवाई में नोएडा से आतंकवादी संगठन जमात-उल-मुजाहिद्दीन बांग्लादेश (जेएमबी) के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया ।
उत्तर प्रदेश एटीएस द्वारा यहां जारी बयान के अनुसार एटीएस, पश्चिम बंगाल पुलिस और गौतम बुद्ध नगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में जेएमबी के सक्रिय सदस्यों रूबेल अहमद और मुशर्रफ हुसैन को नोएडा के सूरजपुर थाना क्षेत्र में गिरफ्तार कर लिया गया । पश्चिम बंगाल पुलिस ने कुछ समय पहले इन दोनों के गाजियाबाद और नोएडा में छुपे होने की सूचना दी थी ।
बयान के अनुसार, पकडे गए दोनों संदिग्ध आतंकवादियों से अभी तक की पूछताछ में स्पष्ट हुआ है कि वे जेएमबी के सदस्य हैं और मार्च २०१८ में बांग्लादेश पुलिस के दबाव में वहां से भाग निकले थे । इन दिनों वे गाजियाबाद और नोएडा में रहकर काम कर रहे थे । पश्चिम बंगाल पुलिस दोनों अभियुक्तों कों ट्रांजिट रिमांड पर लेने के लिये उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत करेगी । उत्तर प्रदेश एटीएस दोनों से गहन पूछताछ के लिए पश्चिम बंगाल जाएगी । नोएडा पुलिस सूत्रों का कहना है कि दोनों राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में किसी बडी आतंकवादी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे ।
सूत्रों का कहना है कि खुफिया विभाग से सूचना मिली थी कि जेएमबी के कुछ सदस्य एनसीआर में अपने संगठन के लिए धन जुटा रहे हैं ।
जमात उल मुजाहिद्दीन बांग्लादेश (जेएमबी) का गठन वर्ष १९९८ में अब्दुल रहमान ने ढाका डिवीजन के पालमपुर में किया था । २००५ में जेएमबी ने एक एनजीओ पर हमला किया था जिसके बाद बांग्लादेश सरकार ने इसपर प्रतिबंध लगा दिया था ।
स्त्रोत : जनसत्ता

Tuesday, 29 May 2018

महाराष्‍ट्र : आतंकवाद निरोधक दस्‍ते (एटीएस) ने छापा मारकर ३६ बांग्‍लादेशी किए गिरफ्तार


महाराष्‍ट्र : आतंकवाद निरोधक दस्‍ते (एटीएस) ने छापा मारकर ३६ बांग्‍लादेशी किए गिरफ्तार


महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्‍ते (एटीएस) ने पुणे ग्रामीण के पिपंरी चिंचवड में छापा मार कर अवैध तरीके से रहे ३६ बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया है ! अभी कई इलाकों में भी छापेमारी की जा रही है । पिपंरी चिंचवड़ में कल से छापेमारी चल रही है । एटीएस को इलाके में बांग्‍लादेशियों के होने की सूचना मिली थी !
बता दें कि इससे पहले मार्च में भी महाराष्ट्र के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने बगैर वैध दस्तावेजों के भारत में रहने के आरोप में आठ बांग्लादेशी नागरिकों को कांदिवली इलाके से गिरफ्तार किया था । पुलिस ने इस बात की जानकारी दी । अधिकारियों ने रविवार रात कांदिवली के लालजीपदा इलाके में एटीएस की चारकोप इकाई की छापेमारी के बाद इन आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया ।
बताया गया कि उन्होंने कबूल किया था कि वे बांग्लादेश के नागरिक हैं ! दो लोगों ने तो पैन कार्ड और आधार कार्ड भी बनवा लिया था ! पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) नियमों, विदेशी अधिनियम और आईपीसी की धाराओं के तहत उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया ।
स्त्रोत : न्यूज 18

Sunday, 6 May 2018

Friday, 6 April 2018

ପାକ୍‍ ସରକାରଙ୍କୁ ଲାହୋର ହାଇକୋର୍ଟଙ୍କ ତାଗିଦ୍‍; ହାଫିଜକୁ ହାରାଶ କରନାହ


ଲାହୋର, ୫/4 : ପାକିସ୍ତାନରେ
ଆତଙ୍କବାଦୀମାନଙ୍କ
କାର୍ଯ୍ୟକଳାପ ସେଠାକାର
ଲୋକ ସଂସ୍କୃତିର ଏକ ଅଂଶ
ହୋଇଗଲାଣି  । ଆତଙ୍କବାଦୀ
ମାନଙ୍କୁ ସେଠାରେ ସାଧାରଣ
ଜନତା ତ ଛାଡ଼ ନେତା,
ରାଜନେତା ଏପରିକି ଅଦାଲତ
ମଧ୍ୟ ସମ୍ମାନନୀୟ ବ୍ୟକ୍ତି ଭାବେ
ପରିଗଣିତ କରୁଛନ୍ତି  ।
ପାକିସ୍ତାନରେ ଆତଙ୍କବାଦୀ
ମାନଙ୍କୁ ‘ସାହେବ’ ବୋଲି
ସମ୍ବୋଧିତ କରାଯାଏ  ।
୨୦୦୮ରେ ୨୬/୧୧
ମୁ୍‍ମ୍ବାଇ ଆତଙ୍କବାଦୀ
ଆକ୍ରମଣର ମୁଖ୍ୟ ଷଡ଼ଯନ୍ତ୍ରକାରୀ
ତଥା ଜାତିସଂଘ ଦ୍ୱାରା ଘୋଷିତ
ଅନ୍ତରାଷ୍ଟ୍ରୀୟ ଆତଙ୍କବାଦୀ ହାଫିଜ
ସଇଦ ଗତ ବର୍ଷ ନଭେମ୍ବର
ମାସରେ ଲାହୋର ହାଇକୋର୍ଟଙ୍କ
ନିର୍ଦ୍ଦେଶବଳରେ ଗୃହବନ୍ଦୀରୁ ମୁକ୍ତ
ହୋଇଥିଲା  । ୨ ଦିନ ତଳେ
ଆମେରିକା ହାଫିଜ୍‍ର ନବଗଠିତ
ରାଜନୈତିକ ଦଳ ମିଲି ମୁସଲିମ୍‍
ଲିଗ୍‍ (ଏମ୍‍ଏମ୍‍ଏଲ୍‍)କୁ ମଧ୍ୟ
ଆତଙ୍କବାଦୀ ସଂଗଠନ ବୋଲି
ଘୋଷଣା କରିଥିଲା  ।
ସମାଜସେବା ନାମରେ ହାଫିଜ୍‍
ଆତଙ୍କବାଦୀ ତିଆରି କାରଖାନା
ଖୋଲିଛି  । ବିଭିନ୍ନ ସୂତ୍ରରୁ ଚାନ୍ଦା
ସଂଗ୍ରହ କରି ମଦ୍ରାସା ନାମରେ
ଆତଙ୍କବାଦୀମାନଙ୍କୁ ରୀତିମତ
ପ୍ରଶିକ୍ଷଣ ଦେଉଛି  । କିନ୍ତୁ ଏହା
ପାକିସ୍ତାନର ଜନତା, ଗଣମାଧ୍ୟମ
ଓ ସରକାର ଦେଖି ଅଣଦେଖା
କରୁଥିବାବେଳେ ଲାହୋର
ହାଇକୋର୍ଟ ଆଉ ପାଦେ ଆଗକୁ
ଯାଇ କହିଛନ୍ତି ‘ହାଫିଜ୍‍କୁ ହାରାଶ
କରନାହିଁ, ସେ ସମାଜସେବା
କରୁଛି  ।’ ଆମେରିକା ସମ୍ପର୍କରେ
କୌଣସି ଟିପ୍‍ପଣୀ ନ ଦେଇ
ଅଦାଲତ କହିଛନ୍ତି ପାକ୍‍ ସରକାର
ହାଫିଜ୍‍କୁ ସୁରକ୍ଷା
ଦେଇପାରୁନାହାନ୍ତି  । ହାଫିଜ୍‍
ଦ୍ୱାରା ପ୍ରତିଷ୍ଠିତ ଶିକ୍ଷାନୁଷ୍ଠାନ
(ମଦ୍ରାସା), ସ୍ୱାସ୍ଥ୍ୟକେନ୍ଦ୍ର (ଆହତ
ଆତଙ୍କବାଦୀଙ୍କ ପାଇଁ
ଚିକିତ୍ସାକେନ୍ଦ୍ର), ସେମିନାରୀ (ଉଗ୍ର
ଇସ୍‍ଲାମୀୟ ଉତ୍ତେଜକଙ୍କ
ସମ୍ମିଳନୀ)କୁ ପାକ୍‍ ସରକାର
ସୁରକ୍ଷା ଯୋଗାଇ ଦିଅନ୍ତୁ ବୋଲି
ଅଦାଲତ କହିଛନ୍ତି  । ହାଫିଜ୍‍ର
ଆତଙ୍କୀ ସଂଗଠନ ଜମାତଉଦ୍‍
ଦାୱା ଅଦାଲତରେ ଦାଏର
କରିଥିବା ପିଟିସନ୍‍ ଉପରେ
ବିଚାର କରି ଅଦାଲତ ଏହି
ନିର୍ଦ୍ଦେଶ ଦେଇଛନ୍ତି  । ଉକ୍ତ
ସଂଗଠନ ଦର୍ଶାଇଥିଲା ଭାରତ
ଓ ଆମେରିକା ଚାପରେ ପାକ୍‍
ସରକାର ହାଫିଜର ସମାଜ
କଲ୍ୟାଣ ସଂଗଠନଗୁଡ଼ିକୁ
ସୁରକ୍ଷା ଦେଉନାହାନ୍ତି  । ଏହି
ମାମଲାରେ ଅଦାଲତ ଆସନ୍ତା
୨୩ ତାରିଖ ସୁଦ୍ଧା ପଞ୍ଜାବ
ପ୍ରଦେଶ ସରକାର ଓ
ପାକିସ୍ତାନର ସଂଘୀୟ (କେନ୍ଦ୍ର
ସରକାର)ଙ୍କ ଠାରୁ ଜବାବ
ତଲବ କରିଛନ୍ତି  ।

Tuesday, 6 March 2018

बडी कामयाबी : आतंकी वारदात के एक महीने के अंदर सुंजवान हमले का पाकिस्तानी मास्टरमाइंड मुफ्ती वकास ढेर


श्रीनगर : जम्मू के सुंजवान आर्मी कैंप पर हमले के महज एक महीने के अंदर ही सेना ने इस हमले के मास्टरमाइंड को मार गिराया है ! इसे सुरक्षाबलों के लिए बडी कामयाबी के तौर पर देखा जा रहा है ।
पुलवामा के अवंतिपोरा क्षेत्र में हुई एक मुठभेड के दौरान सेना की ५० राष्ट्रीय राइफल्स और एसओजी के जॉइंट ऑपरेशन में सुंजवान हमले के मास्टरमाइंड मुफ्ती वकास को ढेर कर दिया गया । इस ऑपरेशन के दौरान एक पुलिसकर्मी के घायल होने की खबरे है, जिसे इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में दाखिल कराया गया है ।
सुंजवान आर्मी कैंप पर हमले का पाकिस्तानी मास्टरमाइंड मुफ्ती वकास
प्राप्त जानकारी के अनुसार सेना की मिलिट्री इंटेलिजेंस को सोमवार शाम पुलवामा के अवंतिपोरा स्थित हटवार इलाके में मुफ्ती वकास की मौजूदगी के इनपुट मिले थे । ए++ ग्रेड के आतंकी मुफ्ती वकास की मौजूदगी के बाद सेना की ५० राष्ट्रीय राइफल्स, एसओजी और सीआरपीएफ ने संयुक्त रूप से इस इलाके की सख्त घेराबंदी शुरू की । इस घेराबंदी के बीच ही आतंकीद्वारा सुरक्षाबलों पर फायरिंग की गई, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसको मार गिराया गया है ।

पाकिस्तानी आतंकी था मुफ्ती वकास

आयजी एसपी पाणी
इस ऑपरेशन के बारे में कश्मीर रेंज के आयजी एसपी पाणी ने बताया कि मारा गया आतंकी मुफ्ती वकास पुलवामा के लेथीपोरा और जम्मू के सुंजवान में सुरक्षाबलों के कैंप पर हुए हमलों का मास्टरमाइंड था । उन्होंने बताया कि ढेर किया आतंकी पाकिस्तानी है और उसके कब्जे से आयईडी बनाने के सामान, घातक हथियार व अन्य चीजें बरामद की गई हैं ।

नूर मोहम्मद तांत्रे के बाद बनाया गया था कमांडर

बता दें कि मारे गए आतंकी मुफ्ती वकास को जैश-ए-मोहम्मद के पूर्व कमांडर नूर मोहम्मद तांत्रे के मारे जाने के बाद ऑपरेशनल कमांडर बनाया गया था । कमांडर बनाए जाने के बाद वकास ने सुंजवान के जिस हमले की साजिश रची थी, उसमें आतंकियों से मुठभेड के दौरान सेना के ६ सैनिक हुतात्मा हुए थे । १० फरवरी को हुए इस हमले में ५० घंटे से ज्यादा देर तक चली मुठभेड में तीन आतंकियों को मार गिराया गया था, जिनके पास से एके-47 राइफल समेत तमाम सामान बरामद किये गए थे !
स्त्रोत : नवभारत टाईम्स