Tuesday, 18 September 2018

ତେଲେଙ୍ଗାନା ଅନର କିଲିଂ ପଛରେ ଆଇଏସ୍‍ଆଇ ଲିଙ୍କ


ନାଲଗୋଣ୍ଡା/ତେଲେଙ୍ଗାନା, ୧୮/୯: ଅନ୍ୟ ଜାତିରେ ବିବାହ କରିଥିବା ଯୁବକଙ୍କୁ ନିର୍ମମ ହତ୍ୟା ପଛରେ ଘଟଣାର ରହସ୍ୟ ଖୋଲିଛି ବିହାର ପୁଲିସ  । ହତ୍ୟା ପଛରେ ଆଇଏସ୍‍ଆଇ ଲିଙ୍କ୍‍ ଥିବା ବିହାର ପୁଲିସ ଦାବି କରିଛି  । ଏହି ହତ୍ୟା ପାଇଁ ୧ କୋଟି ଟଙ୍କାର ସୁପାରି ଦିଆଯାଇଥିବା ପ୍ରାଥମିକ ତଦନ୍ତରୁ ଜଣାପଡ଼ିଛି  । ହତ୍ୟାକାଣ୍ଡରେ ସମ୍ପୃକ୍ତ ଅଭିଯୋଗରେ ବିହାର ପୁଲିସ ୭ ଜଣଙ୍କୁ ଗିରଫ କରିଛି । ସୂଚନାଥାଉ କି, ତେଲେଙ୍ଗାନାର ନାଲଗୋଣ୍ଡା ଜିଲ୍ଲା ମିରୟାଲଗୁଡ଼ା ଟାଉନ୍‍ରେ ୨୩ ବର୍ଷ ବୟସ୍କ ଇଞ୍ଜିନିୟର ପ୍ରଣୟ କୁମାର ତାଙ୍କ ଗର୍ଭବତୀ ପତ୍ନୀ ଅମୃତା ବର୍ଷିନୀଙ୍କୁ ନେଇ ଡାକ୍ତରଖାନା ଯାଉଥିବାବେଳ ହଠାତ୍‍ ପଛପଟରୁ ଜଣେ ବ୍ୟକ୍ତ ଏକ ଧାରୁଆ ଅସ୍ତ୍ରରେ ପ୍ରଣୟଙ୍କୁ ଆକ୍ରମଣ କରିଥିଲା  । ଫଳରେ ଘଟଣାସ୍ଥଳରେ ହିଁ ପ୍ରଣୟଙ୍କ ମୃତ୍ୟୁ ଘଟିଥିଲା  । ହସ୍ପିଟାଲ୍‍ ସିସିଟିଭିରେ ଏହି ଘଟଣା ରେକର୍ଡିଂ ହୋଇଛି  । ଅନ୍ୟପଟେ ପ୍ରଣୟ ଓ ଅମୃତାଙ୍କ ମଧ୍ୟରେ ସ୍କୁଲ୍‍ ସମୟରୁ ପ୍ରେମ ସମ୍ପର୍କ ଥିଲା  । ପ୍ରଣୟ ଅନୁସୂଚିତ ଜାତିର ହୋଇଥିବାବେଳେ ଅମୃତା ବୈଶ୍ୟ ଜାତିର  । ଦୁଇ ପକ୍ଷର ପରିବାରଙ୍କ ବିରୋଧ ସତ୍ତେ୍ୱ ସେମାନେ ଗତ ୮ ମାସ ତଳେ ବିବାହ କରିଥିଲେ  । ତେବେ ଅନ୍ୟ ଜାତିରେ ବିବାହ କରିଥିବାରୁ ପ୍ରଣୟଙ୍କୁ ଛାଡ଼ପତ୍ର ଦେବା ଓ ଗର୍ଭପାତ କରାଇବା ପାଇଁ ପରିବାର ଲୋକେ ଅମୃତାଙ୍କ ଉପରେ ଚାପ ପକାଉଥିଲେ ବୋଲି ସେ ଅଭିଯୋଗ କରିଛନ୍ତି  । ଅଭିଯୋଗ ଆଧାରରେ ଅମୃତାଙ୍କ ବାପା ମାରୁତି ରାଓ ଓ ଦାଦା ଶ୍ରବଣଙ୍କୁ ପୁଲିସ ଗିରଫ କରିଥିଲା  । ସେପଟେ ମାରୁତିଙ୍କ ଅନେକ ରାଜନୈତିକ ବ୍ୟକ୍ତିଙ୍କ ସହିତ ସମ୍ପର୍କ ଥିଲା  । ତେଣୁ ଏହି ବିବାହକୁ ରୋକିବା ପାଇଁ ପ୍ରଣୟଙ୍କ ପରିବାର ଉପରେ ମାରୁତି ରାଜନୈତିକ ଚାପ ପକାଉଥିବା ଅମୃତା ପୁଲିସ ଆଗରେ କହିଥିଲେ  । ମାରୁତିଙ୍କ ରିୟଲ ଇଷ୍ଟେଟ୍‍ ବ୍ୟବସାୟ ଥିବା ସେହି ଅଞ୍ଚଳରେ ତାଙ୍କର ପ୍ରତିପତ୍ତି ରହିଛି  । ତେଣୁ ସ୍ଥାନୀୟ .ଅଞ୍ଚଳର ଜଣେ କଂଗ୍ରେସ ନେତାଙ୍କୁ ପୁଲିସ ପଚରାଉଚୁରା କରୁଛି  । ପ୍ରାଥମିକ ତଦନ୍ତ ଆଧାରରେ ଏହି ହତ୍ୟା ପାଇଁ ସୁପାରି ଦିଆଯାଇଥିବା ପୁଲିସ ଅନୁମାନ କରିଥିଲା  । ଅଧିକ ଖୋଳତାଡ଼ କରିବା ପରେ ଏହି ଘଟଣାରେ ପୁଲିସ ଆଉ ଜଣେ ସନ୍ଦିଗ୍ଧଙ୍କୁ ଖୋଜୁଛି  । ୨୦୦୩ରେ ଗୁଜରାଟର ପୂର୍ବତନ ମନ୍ତ୍ରୀ ହରେନ ପାଣ୍ଡ୍ୟାଙ୍କ ହତ୍ୟାକାଣ୍ଡରେ ସମ୍ପୃକ୍ତି ଅଭିଯୋଗରେ ଏହି ବ୍ୟକ୍ତିକୁ ପୁଲିସ ଗିରଫ କରି ପରେ ଛାଡ଼ିଦେଇଥିଲା

Sunday, 9 September 2018

देहली में गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी ने कहा, ‘पूरी दुनिया में कट्टरपंथ फैलाना चाहते हैं हम !’


देहली पुलिस की स्पेशल सेल ने जम्मू-कश्मीर इस्लामिक स्टेट के साथ कथित संबंध को लेकर जमशेद जहूर पॉल और परवेज राशिद लोन उर्फ शाहिद को गुरुवार रात लाल किला के पास जामा मस्जिद बस स्टैंड से गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस के अनुसार, संदिग्ध आतंकवादियों में शामिल जमशेद जहूर पॉल ने कहा, ‘हम पूरी दुनिया में कट्टरपंथ का प्रसार करना चाहते हैं !’ जांचकर्ताओं ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले के रहनेवाले दोनों संदिग्ध आतंकवादी बेहद कट्टर हैं और उनके पास से जब्त किए गए फोन में वीडियो हैं। उन्होंने कहा कि कुछ नोटबुक भी जब्त किए गए हैं, जिनकी पुलिस जांच कर रही है।
पुलिस उपायुक्त (स्पेशल सेल) प्रमोद सिंह कुशवाहा ने बताया कि लोन ने उत्तर प्रदेश के अमरोहा से २०१६ में सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक किया था और राज्य के गजरौला से एमटेक कर रहा था।
डीसीपी ने बताया कि सितंबर २०१६ में उसका भाई फिरदौस हिज्बुल मुजाहिदीन से जुडा और उसके बाद आईएसजेके में शामिल हो गया था। उन्होंने बताया कि इस साल जनवरी में जम्मू-कश्मीर के शोपियां में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड में फिरदौस मारा गया था।
पुलिस ने बताया कि फिरदौस पर तीन लाख रुपये का इनाम घोषित था। उन्होंने बताया कि छोटे भाई के मारे जाने से बुरी तरह प्रभावित होकर लोन आईएसजेके से जुड गया। पॉल जम्मू-कश्मीर में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा के अंतिम वर्ष का छात्र है।
पुलिस ने बताया कि अप्रैल, २०१७ में हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकी सबजर भट्ट को दफनाए जाने के समय पॉल की मुलाकात तराल के रहनेवाले शौकत से हुई थी। शौकत का रिश्तेदार सैय्यद ओवैसी शफी (जो बाद में एक मुठभेड में मारा गया) उस समय एक सक्रिय आतंकी था।
शफी ने ही पॉल की पहचान आईएसजेके के वर्तमान प्रमुख आसिफ उर्फ उमर इब्न नजीर से कराई थी। अधिकारी ने बताया कि पॉल पिछले आठ माह से इन्क्रिप्टेड मोबाइल मैसेजिंग ऐप के जरिये आसिफ से नियमित संपर्क में था।
पॉल और लोन इस वर्ष आईएसजेके से जुडे थे और उत्तर प्रदेश से देहली में हथियारों की तस्करी में शामिल थे।
स्त्रोत : न्यूज 18

देहली पुलिस की स्पेशल सेल ने लालकिले के पास से पकडे इस्लामिक स्टेट के २ आतंकी

नई देहली : देहली पुलिस की स्पेशल सेल ने गुरुवार रात परवेज और जमशेद नाम के २ आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन आतंकियों को लाल किले के पास जामा मस्जिद बस स्टॉप से पकडा। इस बात की जानकारी शुक्रवार को स्पेशल सेल के डीसीपी ने दी। पुलिस के अनुसार ये दोनों ही आतंकी इस्लामिक स्टेट इन जम्मू कश्मीर (ISJK) से जुडे हुए हैं। आइएसजेके यह दावा करता है कि वह इस्लामिक स्टेट से ही जुडा संगठन है।
पुलिस ने बताया कि, इन आतंकियों के पास से २ पिस्टल, १० कारतूस और ४ मोबाइल फोन भी बरामद किए गए। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इन आतंकियों ने जब्त किए हथियार उत्तर प्रदेश से खरीदे थे। ये आतंकी देहली से कश्मीर जा रहे थे।
सूत्रों के अनुसार ये आतंकी कश्मीर के रहने वाले हैं। पुलिस ने इन दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और इंटेलिजेंस एजेंसियां दोनों से पूछताछ कर रही हैं। साथ ही पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आतंकी परवेज के भाई की मौत जनवरी में सुरक्षाबलों के साथ हुए एनकाउंटर में हो गई थी। परवेज पहले आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिद्दीन का सदस्य था और बाद में उसने इस्लामिक स्टेट इन जम्मू कश्मीर जॉइन कर लिया था।
गिरफ्तार आतंकीयों ने पुलिस को बताया कि उनका पहला लीडर उमर नजीर है और नंबर २ पर आदिल थोकर है। वे दोनों ही आदिल थोकर के आदेश का पालन कर रहे थे। दोनों आतंकियों को फिलहाल 5 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
स्त्रोत : नवभारत टाइम्स

Wednesday, 29 August 2018

शोपियां में आतंकी हमले में चार सैनिक हुतात्मा, हथियार छीनकर फरार हुए आतंकी


जम्‍मू-कश्‍मीर के शोपियां में आतंकियों ने बुधवार दोपहर पुलिस टीम पर हमला कर दिया। इस हमले में चार सैनिक हुतात्मा हो गए। आतंकी अपने साथ हथियार भी लूटकर ले गए हैं। हमले की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और आतंकियों की तलाश तेज कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार जम्‍मू-कश्‍मीर के शोपियां में आतंकियों ने एक बार पुलिस पर हमला किया है। इस हमले में चार सैनिक हुतात्मा हो गए हैं। आतंकी हमले के बाद पुलिसकर्मियों से हथियार भी छीनकर भाग गए। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और आतंकियों की तलाश कर रही है।
गौरतलब है कि अनंतनाग सेक्‍टर के मुनवर्ड में सुबह आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड हुई थी। इस मुठभेड में दो आतंकी मारे गए थे। इलाके में अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है। मुठभेड को देखते हुए जिले में मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार आतंकवादी हिज़्बुल मुजाहिदीन के टॉप कमांडर हैं।
स्त्रोत : न्युज १८

शोपियां में आतंकी हमले में चार सैनिक हुतात्मा, हथियार छीनकर फरार हुए आतंकी


जम्‍मू-कश्‍मीर के शोपियां में आतंकियों ने बुधवार दोपहर पुलिस टीम पर हमला कर दिया। इस हमले में चार सैनिक हुतात्मा हो गए। आतंकी अपने साथ हथियार भी लूटकर ले गए हैं। हमले की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और आतंकियों की तलाश तेज कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार जम्‍मू-कश्‍मीर के शोपियां में आतंकियों ने एक बार पुलिस पर हमला किया है। इस हमले में चार सैनिक हुतात्मा हो गए हैं। आतंकी हमले के बाद पुलिसकर्मियों से हथियार भी छीनकर भाग गए। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और आतंकियों की तलाश कर रही है।
गौरतलब है कि अनंतनाग सेक्‍टर के मुनवर्ड में सुबह आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड हुई थी। इस मुठभेड में दो आतंकी मारे गए थे। इलाके में अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है। मुठभेड को देखते हुए जिले में मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार आतंकवादी हिज़्बुल मुजाहिदीन के टॉप कमांडर हैं।
स्त्रोत : न्युज १८

Thursday, 9 August 2018

अहमदाबाद : पैसाें का लालची अफजल अपनी पत्नी पर डालता था ‘स्पर्म’ बेचने का दबाव

अहमदाबाद : पैसाें का लालची अफजल अपनी पत्नी पर डालता था ‘स्पर्म’ बेचने का दबाव

गुजरात के अहमदाबाद में एक हैरान करनेवाला मामला सामने आया है ! दरअसल, यहां की एक महिला ने अपने पति पर ‘स्पर्म’ बेचने के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया है !
महिला ने साथ ही यह भी आरोप लगाया कि ऐसा करने से मना करने पर उसके पति ने जबरन तलाक के कागज पर दस्तखत भी करवाई ! महिला ने इस मामले में अहमदाबाद के सरखेज पुलिस थाना में मामला दर्ज करवाया है।
महिला ओमान में पली-बढी है, परंतु २०१० में वह परिवार के साथ अहमदाबाद रहने आ गई थी। महिला के आरोप के अनुसार परिवारवालों ने उसकी शादी अफजल खान पठान के साथ करा दी। परंतु अफजल बेरोजगार था और वह बार-बार अपनी पत्नी पर दबाव डाल उसे उसकी मां के पास से पैसे लाने के लिए कहता था। मां जब तक जिंदा रही तब तक तो बेटी को घर चलाने के लिए पैसे देती रही। महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि मां की मौत के बाद उसका पति भाई से पैसे मांगने के लिए दबाव बनाने लगा। परंतु महिला ने मना कर दिया।
इसके बाद महिला को जबरन अलग-अलग शहर ले जा कर उसके स्पर्म को बेचा गया। उसका पति इस तरीके से पैसे कमाने का आदी हो गया। परंतु हाल ही में खराब तबीयत की वजह से महिला ने जब स्पर्म बेचने से इनकार किया तो उससे मारपीट की गई। महिला ने बताया है कि अफजल ने उसे जबरन तलाक के कागज पर दस्तखत करवाए। बता दें कि महिला के दो बच्चे भी हैं !
स्त्रोत : आज तक

पीडिताओं ने सुनाई आपबीती, पडाेसी, ससुर से लेकर मौलवी तक के साथ करना पडश ‘हलाला

पडश ‘हलाला’

बडे अरमान लेकर वे शादी के बाद अपने पति के घर आयी थीं। हर सुख दुख में साथ देने का वादा किया था। परंतु कुछ समय इन महिलाओं के साथ ऐसा हुआ, जिसे वे शायद ही भुला पाएं। पति ने उन्हें तलाक दे दिया। दोबारा साथ रखने के नाम पर उनके साथ ‘हलाला’ किया गया। किसी के साथ पडाेसी ने तो किसी के साथ मौलवी ने हलाला किया। और तो और ससुर (पति के पिता) के साथ भी हलाला करना पडा। इसके बाद भी कई को उनके पति ने नहीं अपनाया। कुछ को अपनाया भी तो उन्हें वह सम्मान नहीं मिलता है। अपमान भरी जिंदगी जीने को मजबूर हैं। कभी-कभी उन्हें लगता है कि, इससे बेहतर तो मौत रहती। बुधवार को उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित राज्य अल्पसंख्यक आयोग में पहुंच पीडिताओं ने अपनी दर्द भरी दांस्ता सुनाई। उनकी दांस्ता सुनने के बाद आयोग ने अब इनकी सहायता करने का निर्णय लिया है।
उत्तर प्रदेश के सम्भल जिले के नखसा थाना क्षेत्र मोहल्ले में एक मुस्लिम महिला के साथ दो बार हलाला करने का मामला सामने आया है। एक बार उसे देवर के साथ हलाला करवाया गया और दूसरी बार ननदोई के साथ। पीडिता के अनुसार, पांच साल पहले उसका निकाह हुआ था। निकाह के बाद दहेज के लिए प्रताडित किया जाने लगा। इस बीच १६ जून को २०१८ को उसके शौहर ने तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया। बाद में समझौते के बाद १९ जून को उसे देवर के साथ हलाला करवाया गया। एक माह बाद १९ जुलाई को उसके पति ने फिर से तलाक दे दिया और इस बाद उसके ननदोई के साथ हलाला करवाया गया।
इससे पहले भी उत्तर प्रदेश के बरेली से एक मामला सामने आया था जहां पति से तलाक के बाद ससुर के साथ हलाला करवाया गया। हलाला के बाद इद्दत की अवधि के दौरान उसके पति ने जबरदस्ती संबंध बनाए। इस दौरान महिला गर्भवती हो गई और उसने एक बच्चे को जन्म दिया। अब पति यह कहकर महिला को साथ रखने को तैयार नहीं है कि बच्चा उसका नहीं है।
हलाला को लेकर इस तरह के मामले पहली बार सामने नहीं आये हैं। आये दिन खबरें आती रहती हैं कि पति ने तलाक दे दिया और फिर समझौता होने के बाद दुबारा साथ रखने के लिए महिला का हलाला करवाया गया। हलाला करने वालों में उसके रिश्तेदार से लेकर मौलवी तक शामिल होते हैं। इस पूरे मामले पर उत्तर प्रदेश राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष तनवीर हैदर उस्मानी ने कहा कि, “सभी पीडिताओं को न्याय दिलाया जाएगा। हलाला के नाम पर वेश्यावृति हो रही है। हमने इस संबंध में संबंधित जिलों के डीएम-एसएसपी से रिपोर्ट मांगी है। सरकार को तीन तलाक की तरह हलाला पर भी प्रतिबंध लगाने के लिए कानून बनाना चाहिए।”
स्त्राेत : जनसत्ता

ब‌र्द्धमान व बोधगया विस्फोट का मास्टर माइंड मोहम्मद जहीदुल इस्लाम गिरफ्ता

ब‌र्द्धमान व बोधगया विस्फोट का मास्टर माइंड मोहम्मद जहीदुल इस्लाम उर्फ कौसर
कोलकाता : २ अक्टूबर २०१४ को ब‌र्द्धमान के खागरागढ एवं जुलाई २०१३ में बिहार के बोधगया में हुए सीरियल बम विस्फोट के मास्टरमाइंड एवं आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के टॉप लीडर मोहम्मद जहीदुल इस्लाम उर्फ कौसर को आखिरकार राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने गिरफ्तार कर लिया है !
३८ वर्षीय कौसर पर एनआइए ने ५ लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। उसे मंगलवार को बेंगलुरु के निकट रामनगरा स्थित एक घर से गिरफ्तार किया गया। उसके ठिकाने से विस्फोटक व कुछ आपत्तिजनक इलेक्ट्रोनिक्स डिवाइस आदि भी बरामद किया गया है। एनआइए को कौसर की लंबे समय से तलाश थी और वह लगातार चमका दे रहा था। उसकी गिरफ्तारी सुरक्षा एजेंसी के लिए बहुत बड़ी सफलता है !
एनआइए के अनुसार, कौसर जेएमबी का शीर्ष नेता होने के साथ इस आतंकी संगठनद्वारा भारत में संचालित जमात-उल-मुजाहिदीन इंडिया (जेएमआइ) का टॉप लीडर है। ब‌र्द्धमान व बोधगया विस्फोट के अलावा कौसर बांग्लादेश में भी कई मामलों में वांछित है। बांग्लादेश को भी लंबे समय से उसकी तलाश थी।
ब‌र्द्धमान धमाका – अक्टूबर २०१४
इधर, ब‌र्द्धमान धमाके पीछे कौसर का ही हाथ माना जाता है। वहीं, बोधगया ब्लास्ट का भी वह मास्टरमाइंड है। कौसर के ही निर्देश पर उसके करीबी मुस्तफिजुर रहमान उर्फ शाहीन ने बोधगया के महाबोधि मंदिर में विस्फोट को अंजाम देने के लिए विस्फोटक सामग्री जुटाने के साथ बम भी लगाए थे।
अपनी पहचान छिपाने के लिए कौसर कई नाम से जाना जाता था। मुन्ना, मिजान एवं बोमा मियां नाम से भी उसे जाना जाता था। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, कौसर मूल रूप से बांग्लादेशी नागरिक है, परंतु जाली दस्तावेजों के आधार पर वह यहां भारतीय नागरिक के रूप में अवैध तरीके से रह रहा था। वह कथित तौर पर ब‌र्द्धमान के बाबूरबाग का निवासी बताता था। ब‌र्द्धमान के अलावा बीरभूम जिले के बोलपुर में भी उसका घर है।
स्त्रोत : जागरण