Friday, 6 April 2018

ପାକ୍‍ ସରକାରଙ୍କୁ ଲାହୋର ହାଇକୋର୍ଟଙ୍କ ତାଗିଦ୍‍; ହାଫିଜକୁ ହାରାଶ କରନାହ


ଲାହୋର, ୫/4 : ପାକିସ୍ତାନରେ
ଆତଙ୍କବାଦୀମାନଙ୍କ
କାର୍ଯ୍ୟକଳାପ ସେଠାକାର
ଲୋକ ସଂସ୍କୃତିର ଏକ ଅଂଶ
ହୋଇଗଲାଣି  । ଆତଙ୍କବାଦୀ
ମାନଙ୍କୁ ସେଠାରେ ସାଧାରଣ
ଜନତା ତ ଛାଡ଼ ନେତା,
ରାଜନେତା ଏପରିକି ଅଦାଲତ
ମଧ୍ୟ ସମ୍ମାନନୀୟ ବ୍ୟକ୍ତି ଭାବେ
ପରିଗଣିତ କରୁଛନ୍ତି  ।
ପାକିସ୍ତାନରେ ଆତଙ୍କବାଦୀ
ମାନଙ୍କୁ ‘ସାହେବ’ ବୋଲି
ସମ୍ବୋଧିତ କରାଯାଏ  ।
୨୦୦୮ରେ ୨୬/୧୧
ମୁ୍‍ମ୍ବାଇ ଆତଙ୍କବାଦୀ
ଆକ୍ରମଣର ମୁଖ୍ୟ ଷଡ଼ଯନ୍ତ୍ରକାରୀ
ତଥା ଜାତିସଂଘ ଦ୍ୱାରା ଘୋଷିତ
ଅନ୍ତରାଷ୍ଟ୍ରୀୟ ଆତଙ୍କବାଦୀ ହାଫିଜ
ସଇଦ ଗତ ବର୍ଷ ନଭେମ୍ବର
ମାସରେ ଲାହୋର ହାଇକୋର୍ଟଙ୍କ
ନିର୍ଦ୍ଦେଶବଳରେ ଗୃହବନ୍ଦୀରୁ ମୁକ୍ତ
ହୋଇଥିଲା  । ୨ ଦିନ ତଳେ
ଆମେରିକା ହାଫିଜ୍‍ର ନବଗଠିତ
ରାଜନୈତିକ ଦଳ ମିଲି ମୁସଲିମ୍‍
ଲିଗ୍‍ (ଏମ୍‍ଏମ୍‍ଏଲ୍‍)କୁ ମଧ୍ୟ
ଆତଙ୍କବାଦୀ ସଂଗଠନ ବୋଲି
ଘୋଷଣା କରିଥିଲା  ।
ସମାଜସେବା ନାମରେ ହାଫିଜ୍‍
ଆତଙ୍କବାଦୀ ତିଆରି କାରଖାନା
ଖୋଲିଛି  । ବିଭିନ୍ନ ସୂତ୍ରରୁ ଚାନ୍ଦା
ସଂଗ୍ରହ କରି ମଦ୍ରାସା ନାମରେ
ଆତଙ୍କବାଦୀମାନଙ୍କୁ ରୀତିମତ
ପ୍ରଶିକ୍ଷଣ ଦେଉଛି  । କିନ୍ତୁ ଏହା
ପାକିସ୍ତାନର ଜନତା, ଗଣମାଧ୍ୟମ
ଓ ସରକାର ଦେଖି ଅଣଦେଖା
କରୁଥିବାବେଳେ ଲାହୋର
ହାଇକୋର୍ଟ ଆଉ ପାଦେ ଆଗକୁ
ଯାଇ କହିଛନ୍ତି ‘ହାଫିଜ୍‍କୁ ହାରାଶ
କରନାହିଁ, ସେ ସମାଜସେବା
କରୁଛି  ।’ ଆମେରିକା ସମ୍ପର୍କରେ
କୌଣସି ଟିପ୍‍ପଣୀ ନ ଦେଇ
ଅଦାଲତ କହିଛନ୍ତି ପାକ୍‍ ସରକାର
ହାଫିଜ୍‍କୁ ସୁରକ୍ଷା
ଦେଇପାରୁନାହାନ୍ତି  । ହାଫିଜ୍‍
ଦ୍ୱାରା ପ୍ରତିଷ୍ଠିତ ଶିକ୍ଷାନୁଷ୍ଠାନ
(ମଦ୍ରାସା), ସ୍ୱାସ୍ଥ୍ୟକେନ୍ଦ୍ର (ଆହତ
ଆତଙ୍କବାଦୀଙ୍କ ପାଇଁ
ଚିକିତ୍ସାକେନ୍ଦ୍ର), ସେମିନାରୀ (ଉଗ୍ର
ଇସ୍‍ଲାମୀୟ ଉତ୍ତେଜକଙ୍କ
ସମ୍ମିଳନୀ)କୁ ପାକ୍‍ ସରକାର
ସୁରକ୍ଷା ଯୋଗାଇ ଦିଅନ୍ତୁ ବୋଲି
ଅଦାଲତ କହିଛନ୍ତି  । ହାଫିଜ୍‍ର
ଆତଙ୍କୀ ସଂଗଠନ ଜମାତଉଦ୍‍
ଦାୱା ଅଦାଲତରେ ଦାଏର
କରିଥିବା ପିଟିସନ୍‍ ଉପରେ
ବିଚାର କରି ଅଦାଲତ ଏହି
ନିର୍ଦ୍ଦେଶ ଦେଇଛନ୍ତି  । ଉକ୍ତ
ସଂଗଠନ ଦର୍ଶାଇଥିଲା ଭାରତ
ଓ ଆମେରିକା ଚାପରେ ପାକ୍‍
ସରକାର ହାଫିଜର ସମାଜ
କଲ୍ୟାଣ ସଂଗଠନଗୁଡ଼ିକୁ
ସୁରକ୍ଷା ଦେଉନାହାନ୍ତି  । ଏହି
ମାମଲାରେ ଅଦାଲତ ଆସନ୍ତା
୨୩ ତାରିଖ ସୁଦ୍ଧା ପଞ୍ଜାବ
ପ୍ରଦେଶ ସରକାର ଓ
ପାକିସ୍ତାନର ସଂଘୀୟ (କେନ୍ଦ୍ର
ସରକାର)ଙ୍କ ଠାରୁ ଜବାବ
ତଲବ କରିଛନ୍ତି  ।

Tuesday, 6 March 2018

बडी कामयाबी : आतंकी वारदात के एक महीने के अंदर सुंजवान हमले का पाकिस्तानी मास्टरमाइंड मुफ्ती वकास ढेर


श्रीनगर : जम्मू के सुंजवान आर्मी कैंप पर हमले के महज एक महीने के अंदर ही सेना ने इस हमले के मास्टरमाइंड को मार गिराया है ! इसे सुरक्षाबलों के लिए बडी कामयाबी के तौर पर देखा जा रहा है ।
पुलवामा के अवंतिपोरा क्षेत्र में हुई एक मुठभेड के दौरान सेना की ५० राष्ट्रीय राइफल्स और एसओजी के जॉइंट ऑपरेशन में सुंजवान हमले के मास्टरमाइंड मुफ्ती वकास को ढेर कर दिया गया । इस ऑपरेशन के दौरान एक पुलिसकर्मी के घायल होने की खबरे है, जिसे इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में दाखिल कराया गया है ।
सुंजवान आर्मी कैंप पर हमले का पाकिस्तानी मास्टरमाइंड मुफ्ती वकास
प्राप्त जानकारी के अनुसार सेना की मिलिट्री इंटेलिजेंस को सोमवार शाम पुलवामा के अवंतिपोरा स्थित हटवार इलाके में मुफ्ती वकास की मौजूदगी के इनपुट मिले थे । ए++ ग्रेड के आतंकी मुफ्ती वकास की मौजूदगी के बाद सेना की ५० राष्ट्रीय राइफल्स, एसओजी और सीआरपीएफ ने संयुक्त रूप से इस इलाके की सख्त घेराबंदी शुरू की । इस घेराबंदी के बीच ही आतंकीद्वारा सुरक्षाबलों पर फायरिंग की गई, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसको मार गिराया गया है ।

पाकिस्तानी आतंकी था मुफ्ती वकास

आयजी एसपी पाणी
इस ऑपरेशन के बारे में कश्मीर रेंज के आयजी एसपी पाणी ने बताया कि मारा गया आतंकी मुफ्ती वकास पुलवामा के लेथीपोरा और जम्मू के सुंजवान में सुरक्षाबलों के कैंप पर हुए हमलों का मास्टरमाइंड था । उन्होंने बताया कि ढेर किया आतंकी पाकिस्तानी है और उसके कब्जे से आयईडी बनाने के सामान, घातक हथियार व अन्य चीजें बरामद की गई हैं ।

नूर मोहम्मद तांत्रे के बाद बनाया गया था कमांडर

बता दें कि मारे गए आतंकी मुफ्ती वकास को जैश-ए-मोहम्मद के पूर्व कमांडर नूर मोहम्मद तांत्रे के मारे जाने के बाद ऑपरेशनल कमांडर बनाया गया था । कमांडर बनाए जाने के बाद वकास ने सुंजवान के जिस हमले की साजिश रची थी, उसमें आतंकियों से मुठभेड के दौरान सेना के ६ सैनिक हुतात्मा हुए थे । १० फरवरी को हुए इस हमले में ५० घंटे से ज्यादा देर तक चली मुठभेड में तीन आतंकियों को मार गिराया गया था, जिनके पास से एके-47 राइफल समेत तमाम सामान बरामद किये गए थे !
स्त्रोत : नवभारत टाईम्स

Thursday, 1 March 2018

ଆନ୍ତଙ୍କବାଦୀଙ୍କୁ ନିମନ୍ତ୍ରଣ ମହଙ୍ଗା ପଡିଲା

THURSDAY, MARCH 1, 2018

ଆନ୍ତଙ୍କବାଦୀଙ୍କୁ ନିମନ୍ତ୍ରଣ ମହଙ୍ଗା ପଡିଲା

Wednesday, 28 February 2018

କାଶ୍ମୀରରେ ଆତଙ୍କବାଦୀ ସକ୍ରୀୟ

କାଶ୍ମୀରରେ ଆତଙ୍କବାଦୀ ସକ୍ରୀୟ

कश्मीर में घुसपैठ की फिराक में ३०-४० आतंकियों का समूह, पाक सेना कर रही है मदद

कश्मीर में घुसपैठ की फिराक में ३०-४० आतंकियों का समूह, पाक सेना कर रही है मदद

जम्मू : कश्मीर में सेना की आतंकियों के विरुद्ध कार्रवाई जारी है । ऐसे में सीमा पार से घुसपैठ के प्रयासों में जुटे आतंकियों की योजना बार-बार नाकाम हो रही है । इसके बावजूद नियंत्रण रेखा पार से बडी संख्या में आतंकी घुसपैठ के इंतजार में बैठे है । आतंकी घुसपैठ के लिए मौके की तलाश में बैठे है और इसमें उनकी मदद लगातार पाकिस्तानी सेना कर रही है । हालांकि सुरक्षा बल आतंकियों और पाकिस्तानी सेना के नापाक इरादों को पहले ही भाप चुका है ।

घुसपैठ के इंताजर में आतंकी, पाक सेना कर रही मदद

सेना के एक शीर्ष कमांडर ने सोमवार को बताया कि, नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार बडी संख्या में आतंकी कश्मीर में घुसपैठ करने के इंतजार में हैं और पाकिस्तानी सेना उन्हें घुसपैठ कराने के प्रयास में संघर्ष विराम का उल्लंघन करती है । श्रीनगर स्थित चिनार कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल एके भट्ट ने बताया कि इस बात की सूचना है कि कई घुसपैठिए इंतजार में हैं और इस वर्ष कम बर्फ होने के कारण से वे जल्द ही घुसपैठ करने का प्रयास शुरू कर देंगे । यहां जम्मू-कश्मीर लाइट इंफेंट्री सेंटर में पासिंग आउट परेड से इतर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि लेपा घाटी से लेकर मंडल एरिया, रामपुर तथा अन्य क्षेत्रों में एलओसी पार ३०-४० आतंकियों के कई समूह घुसपैठ के इंतजार में हैं ।

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पाकिस्तान द्वारा गांव को खाली करने की उद्घोषणा संबंधी रिपोर्टों के बारे में पूछे जाने पर भट्ट ने बताया कि वह एलओसी के इस पार के गांवों के लिए नहीं थी । उन्होंने बताया कि वे सुरक्षा कारणों से वहां कुछ गांवों को खाली करने की सलाह दे रहे हैं और उन्हें सूचना है कि वे गांव भी पूरी तरह खाली नहीं हुए हैं । उन्होंने कहा कि पाकिस्तान द्वारा किए जाने वाले संघर्ष विराम उल्लंघन का उचित जवाब दिया जाता है, जो स्थानीय कार्रवाइयां होती हैं । हमारा उद्देश पूरा मोर्चा खोलने का नहीं है । यदि पाकिस्तान संघर्ष विराम का उल्लंघन करता है या घुसपैठ कराने का प्रयास करता है तो हम जवाबी कार्रवाई करेंगे ।

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गौरतलब है कि पाकिस्तान सेना कश्मीर में घुसपैठ के लिए आतंकियों की मदद कर रही है । यही कारण है कि, वह बार-बार सीजफायर का उल्लंघन कर रही है । ताकि गोलीबारी की आड में आतंकी कश्मीर में दाखिल हो सके । हालांकि पहले भी पाकिस्तानी सेना ऐसा करती आई है, ऐसे में सेना और भी संतर्क हो गई है । वे पाकिस्तान और आतंकियों के साथ ‘ईंट का जवाब पत्थर से’ की रणनीति पर काम कर रही है ।
स्त्रोत : जागरण

Thursday, 22 February 2018

ISIS आतंकी से शादी के बाद झोया अपने बच्चों को भी आतंकी बनाने का देख रही है ‘सपना’ !

ISIS आतंकी से शादी के बाद झोया अपने बच्चों को भी आतंकी बनाने का देख रही है ‘सपना’ !


भारतीय लोगों को बरगलाकर खुंखार आतंकी संगठन आईएसआईएस(ISIS) में भर्ती कराने की खबरें सामने आ चुकी है । परंतु कभी सुना है कि कोई महिला अपने बच्चों को आईएसआईएस में भर्ती कराना चाहती हैं । परंतु बंग्लादेश की रहने वाली झोया चौधरी का सपना है कि उसके बच्चे बडे होकर आतंकवादी संगठन आईएसआईएस में भर्ती हों ।
दरअसल, झोया चौधरी ने वर्ष २००४ में अमेरिका के रहने वाले जॉन जॉर्जेलस (John Georgelas) से विवाह किया था । पहली बार झोया जॉन से एक ऑनलाइन वेबसाइट के माध्यम से मिली थी । जॉन ने उससे पहले ही अपने आपको इस्लाम धर्म में परिवर्तन कर लिया था । इस्लाम से जुडने के बाद जॉन का नाम याह्या अबू हसन (Yahya Abu Hassan) हो गया । बता दें कि, जॉन के पिता अमेरिकी वायु सेना में डॉक्टर के रूप में काम कर चुके हैं ।
जॉन के परिवार को इस बात की खबर तब मिली जब उसने २००१ में इस्लाम को अपनाया । बता दें कि ९/११ के हमलों के बाद जॉन ने इस्लाम धर्म अपनाने का निर्णय लिया था । उस दौरान जॉन टेक्सास कॉलेज में पढाई कर रहा था । इसके बाद मुस्लिम डेटिंग वेबसाइट पर २००३ में जॉन की मुलाकात बंग्लादेश की रहने वाली झोया चौधरी से हुई और २००४ को दोनों ने विवाह कर लिया ।
जॉन ( याह्या अबू हसन) आज आईएसआईएस के आतंकी है । इसके साथ ही वह इराक और सीरिया के आतंकवादी समूह में नए युवाओं को जोडने का काम भी करता है । अमेरिका में रहने के दौरान झोया चौधरी और जॉन पर कट्टरपंथी इस्लामी प्रचारक होने का आरोप लगा था । जिसके बाद उसने इंटरनेट होस्टिंग कंपनी डलास में काम किया था जिसके तहत वह ऑनलाइन अल-कायदा समर्थकों को जोडता था ।
स्त्रोत : जनसत्ता

Wednesday, 21 February 2018

पाकिस्तान से आनेवाले आतंकी घटे, इसलिए अब स्थानिक कश्मीरी स्लीपर सेल बन रहे फिदायीन


१८ साल वालों पर ज्यादा फोकस

नई देहली : कश्मीरी युवकों के आतंकी हमलों में शामिल होने से सुरक्षा बलों की मुश्किलें बढ गई हैं । दरअसल, सीमा पर बढती चौकसी के कारण से पाकिस्तान से आने वाले आतंकियों की संख्या घट गई है । ऐसे में जैश और लश्कर जैसे आतंकी गुट अपने साथ जुडे स्थानीय युवाओं को आतंकी हमलों में शामिल कर उन्हें फिदायीन बना रहे हैं । यह खुलासा लेखपुरा एनकाउंटर के बाद पाकिस्तानी आतंकी के मोबाइल में मिले वॉट्सएप ग्रुप से हुआ था । १५ से १८ साल के युवाओं को लडकियों के बीच शोहरत और पैसों का लालच देकर आतंकी बनने के लिए उकसाया जा रहा है ।

स्लीपर सेल को आतंकी बनाया जा रहा है

नई रणनीति के तहत घाटी में सक्रिय जैश-ए-मोहम्मद ने तीन से चार आतंकियों का फिदायीन ग्रुप तैयार किया है । इसमें एक या दो आतंकी जैश के और बाकी जम्मू-कश्मीर के स्थानिक युवा शामिल होते हैं ।
पहले इनका उपयोग बतौर स्लीपर सेल सिक्युरिटी फोर्सेस के कैंप की रेकी, वहां तैनात जवानों की संख्या और हमले के लिए चुने गए शहर में सुरक्षित ठिकाने मुहैया कराने के लिए होता था । अब इन्हें एके-४७ जैसे हथियारों की ट्रेनिंग देकर हमलों के लिए उपयोग किया जाने लगा है ।

सीआरपीएफ शिवीर पर कश्मीरी आतंकियों ने हमला किया

कश्मीर में तैनात सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, लश्कर-ए-तैयबा के ऐसे ही एक मॉड्यूल का खुलासा ३१ दिसंबर को पुलवामा में सीआरपीएफ कैंप पर हुए हमले के बाद हुआ था । इसमें तीन आतंकी मारे गए थे । इनमें एक पाकिस्तानी और बाकी कश्मीरी थे ।
करन नगर क्षेत्र में भी सीआरपीएफ कैंप पर हमले की कोशिश करने वाले दो आतंकियों के साथ भी दो और युवक मौके पर मौजूद थे । जो गोलिबारी में भाग खडे हुए थे । सीसीटीवी फुटेज और मौके से मिले सबूतों से इनके स्थानीय निवासी होने का इशारा करते हैं ।

१५ से १८ साल के युवाओं पर ज्यादा फोकस

लेखपुरा हमले में मारे गए आतंकी अब्दुल शाकूर की तलाशी के दौरान एक मोबाइल मिला था । इसमें पीओके और आजाद कश्मीर नाम के कई वॉट्सएप ग्रुप मिले थे ।
इनकी जांच से पता चला कि, पाकिस्तानी आतंकी १५-१८ साल के कश्मीरी युवाओं को लड़कियों के बीच शोहरत और पैसों का लालच देकर आतंकी बनने के लिए उकसा रहे हैं ।

सैन्य और पुलिस से जुडे कश्मीरी निशाने पर

सेना की उत्तरी कमान संभाल चुके लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) डी एस हूडा के अनुसार, आतंकवादी आम लोगों में डर पैदा करने के लिए खासतौर पर उन कश्मीरियों को निशाना बना रहे हैं जो सेना, पुलिस या फिर दूसरी सुरक्षा एजेंसियों से जुडें हैं ।
स्त्रोत : भास्कर